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भारत 170 करोड़ रुपये की लागत से भूटान में विकसित कर रहा है मेगा ड्राई पोर्ट

दोनों देशों की सीमा के पास पसाखा में विकसित हो रहा है भूटान का सबसे बड़ा ड्राई पोर्ट

ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में भारत के महावाणिज्य दूत प्रशांत कुमार दास रहे मौजूद

2 फरवरी, थिम्पू। भारत अपने निकटतम पड़ोसी देश भूटान से व्यापारिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए भूटान-भारत सीमा के पास पसाखा में 170 करोड़ रुपये की लागत से मेगा ड्राई पोर्ट (एमडीपी) विकसित कर रहा है। यह भूटान का सबसे बड़ा ड्राई पोर्ट होगा। इसको लेकर सोमवार (1 फरवरी) को भूटान के फुत्सेलिंग में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन हुआ। जिसमें भारत की तरफ से महावाणिज्य दूत प्रशांत कुमार दास और भूटान की शाही सरकार के गृह और सांस्कृतिक मंत्रालय के सचिव दशो सोनम वांगयेल मौजूद रहे।

थिम्पू स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर बताया कि नए ड्राई पोर्ट से निर्यात में सुविधा, आवागमन के समय को घटाने और सीमा पार माल ढुलाई की लागत को कम करने में मदद मिलेगी। पोर्ट कार्गो के प्रसंस्करण, भंडारण और ट्रांसशिपमेंट के दौरान नुकसान और नुकसान के जोखिम को कम करने में सहायक साबित होगा। इस ड्राई पोर्ट से पश्चिमी और मध्य भूटान के निर्यातकों को निर्यात करने में सुविधा होगी।

पासाखा ड्राई पोर्ट को ट्रांजिशनल ट्रेड सपोर्ट फैसिलिटी (टीएसएफ) कार्यक्रम के एक भाग के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत भारत सरकार भूटान की शाही सरकार को 12 वीं पंचवर्षीय योजना के लिए 400 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान कर रही है। ट्रेड सपोर्ट फैसिलिटी भूटान के व्यापार ढांचे को बेहतर बनाने और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेगी।