एक गीत होरी का गोदान

Share this on WhatsApp  दिवाकर दत्त त्रिपाठी- होरी का गोदान कभी क्या हो पायेगा ? पाँच पाँच करके हैं बीते साल कई ।चोर उचक्के हुयें हैं मालामाल कई ।खादी पहन के कइयों देश को लूट … Continue reading एक गीत होरी का गोदान