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चौकी प्रभारी अझुवा सरकार की किरकिरी कराने मे मशगूल, दलालों का लगता है चौकी पर जमावड़ा

चौकी के कमाऊपूत कनपुरिया के इशारे पर बेवजह आमलोग को किया जा रहा परेशान, विधायक की फटकार पर पीड़ित को छोड़ा गया

  • कब किस पर पुलिसिया उत्पीड़न हो जाए, कहना मुश्किल।
  • मामला दलालों से रंगदारी वसूलने का, न देने पर फर्जी मुकदमे मे जेल भेजने की धमकी।

अजुहा/कौशांबी : कौशांबी जनपद के थाना सैनी अंतर्गत अझुवा चौकी के प्रभारी इन दिनो बेलगाम हो चुके हैं।क्षेत्र मे कब किसका पुलिसिया उत्पीड़न कर उसका आर्थिक शोषण कर लिया जाए कहना मुश्किल है।

ताजा मामला चौकी क्षेत्र के ग्राम कनवार के मजरा अखाड़ा पर का है जहां क्षेत्र मे वर्षो से अवैध शराब करोबारियों से माहवारी वसूलकर चौकी पुलिस की जेब भरने वाले उसके कमाऊ पूत भागीरथी उर्फ कनपुरिया के साथ कल सुबह करीब पांच बजे चौकी के दो सिपाही व दरोगा के प्राइवेट रसोईयां बिना वर्दी वहां के निवासी अनिल कुमार के दरवाजे पर जा धमके और उस पर अवैध दारू बनाने और बेचने का आरोप लगाया जिस पर अनिल की पत्नी ने ऐसे किसी कार्य को करने से इंकार करते हुए कहा कि आप लोग चाहें तो मेरे घर की तलाशी ले लें जिस पर चारों ने मिलकर पूरे घर को खंगाला लेकिन शराब बनाने और बेचने का नामोनिशान तक नही पा सके। फिर उन्होने पूछा कि अनिल कौन है? जब वहां मौजूद अनिल ने कहा कि मै अनिल हूं तो वे जबरिया उसे पुलिस चौकी अझुवा उठा लाए। अनिल अपने घर के सामने पान की गुमटी चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता है। अनिल के यहां कल उसके बेटे का मुंडन भी होना था जिससे उसके कई रिश्तेदार भी घर पर आए हुए थे। अनिल को चौकी लाने के बाद पीछे उसकी पत्नी भी चौकी आई, जहां अनिल से कनपुरिया द्वारा पांच हजार रुपये दिए जाने की मांग की गई, नही तो अंजाम मे चौकी मे रखे शराब के गैलन के साथ उसका चालान करने की धमकी दी गई। पुलिसिया रौब झाड़ते हुए दारोगा जी ने भी बेकसूर अनिल को दो डंडे मारते हुए अर्दब बनाया। अनिल और उसकी पत्नी अंजू मिन्नते करते रहे कि साहब हम गरीब आदमी हैं कहां से इतने पैसे लाकर दें? लेकिन दरोगा जी का दिल नही पसीजा और यही कहा कि पांच हजार लाकर दे जाओ और अपने आदमी के ले जाओ।

थकहारकर अनिल की पत्नी अंजू अपनी व्यथा फोन पर सिराथू विधायक शीतला प्रसाद पटेल से बताते हुए न्याय की गुहार लगाई। जिस पर विधायक ने फोन लगाकर ऐसे घृणित कृत्य पर चौकी इंचार्ज को फटकार लगाई। तब जाकर अंजू के साथ उसके बेकसूर पति को छोड़ा गया।

अब सवाल यह उठता है कि क्या अझुवा चौकी समाज का शोषण कराने वाले विपक्षी पार्टियों के दलालों के इशारे पर ही चलेगी और सरकार व पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल कराती रहेगी या फिर ऐसे भ्रष्ट बेलगाम पुलिस कर्मियों पर कठोर कार्यवाही कर ऐसे लोगों से क्षेत्रीय लोगों को मुक्ति दिलाई जाएगी? ऐसा क्या कारण है कि जब नजर पड़े तब दलाल टाइप के लोग जो स्वयं अनैतिक धंधे करते-करवाते या उन्हे संरक्षण देते हैं गिद्ध की मानिंद पुलिस चौकी परिसर मे मंडराते दिखते हैं? ऐसे लोग ही सरकार के हर एक अच्छे कार्य पर अपने काले कारनामों से बट्टा लगाते फिरते हैं।

आखिर कब जागेंगे पुलिस के आलाधिकारी कुंभकर्णी नींद से ताकि सरकार के मंसूबों पर पलीता लगाने वाले ऐसे बहुरुपिए अपनी करनी का अंजाम भुगतें और आम जनता राहत की सांस ले सके?

–Vijay kumar