ध्वनि की गति से भी तेज मार करने वाले युद्धक प्रक्षेपास्त्र ब्रह्मोस को सुखोई युद्धक विमानों में लगाने का काम शुरू हो गया है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि ऐसे चालीस विमानों में ये प्रक्षेपास्त्र प्रणाली लगाई जाएगी। इसके लिए हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड की कार्यशालाओं में सुखोई विमानों की संरचना में संशोधन किया जाएगा। यह काम 2020 तक पूरा हो जाने की संभावना है। इससे भारतीय वायुसेना की एक बड़ी जरूरत को पूरा किया जा सकेगा। विमान से प्रक्षेपित किए जाने वाले ब्रम्होस मिसाइल का सफल परीक्षण पिछले महीने सुखोई-30 युद्धक जेट विमान से छोड़कर किया जा चुका है। अचूक निशाना लगाने के मामले में इसे भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।