कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

सफल अभिनेता और राजनेता विनोद खन्ना ब्रह्मतत्व में लीन

1946 में पेशावर में जन्मे पंजाब के गुरदासपुर से बीजेपी के सांसद और अपने जमाने के मशहूर सिने अभिनेता विनोद खन्ना 70 वर्ष की आयु में सांसारिकता के बन्धनों से सदा-सदा के लिए मुक्त हो गे । पिछले कुछ समय से वह बीमार चल रहे थे। उन्होंने मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनका आज एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 70 वर्ष के थे और कैंसर से पीड़ित थे। उन्‍हें सर एच एन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के आधिकारिक वक्तव्य में बताया गया है कि उन्होंने दिन में 11 बजकर 20 मिनट पर अंतिम सांस ली।
एक सफल फिल्म अभिनेता होने के साथ-साथ वे एक राजनेता भी थे। वे पंजाब के गुरदासपुर से बीजेपी के सांसद थे। वे केंद्र सरकार में पर्यटन व विदेश राज्य मंत्री भी रहे। विनोद खन्ना ने 140 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया था। 1968 में मन का मीत फिल्म के साथ उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। साल 2015 में आई दिलवाले उनकी अंतिम अभिनीत फिल्म रही। विनोद खन्ना का आज मुंबई में अंतिम संस्‍कार किया गया।
श्री विनोद खन्ना का जन्म 6 अक्तूबर, 1946 में पेशावर में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। जन्म के तुरंत बाद देश का बंटवारा होने पर उनका परिवार पेशावर से मुंबई आ गया था। विनोद खन्ना ने 140 से भी ज्‍यादा फिल्‍मों में दमदार अभिनय किया। अपने फिल्‍मी सफर की शुरूआत फिल्‍म मन का मीत से की जिसमें वह खलनायक थे और 1971 में गुलजार की फिल्‍म मेरे अपने ने उन्‍हें एक प्रतिभाशाली अभिनेता की पहचान दी। इस फिल्‍म के बाद विनोद खन्‍ना गुलजार के चहेते कलाकार बन गए और दोनों ने मिल के मीरा, अचानक, परिचय, और लेकिन जैसी हिट फिल्‍में दी। जानीमानी फिल्‍मों में कुर्बानी, पूरब और पश्चिम, चांदनी, हाथ की सफाई, दयावान, रेशमा और शेरा, अमर अकबर ऐंथनी, जुर्म और सत्‍यमेव जयते जैसी हिट फिल्‍में शामिल है। विनोद खन्‍ना ने राजनीती में भी सक्रिय किरदार निभाया। वे चार बार पंजाब के गुरूदासपुर से बीजेपी के सांसद रहे।