मेरी जीत भी मेरी हार भी
कोई कह दे कि शाम हो गई हैअब यकीन नही होता।कदम-कदम पर अब तो बड़ा फरेब होता।चले कहाँ के लिए और आ गये कहाँखुशियों की चादर पर कोई सितारा दिखेये सितारे गगन को चूमते हैं।आँचल […]
कोई कह दे कि शाम हो गई हैअब यकीन नही होता।कदम-कदम पर अब तो बड़ा फरेब होता।चले कहाँ के लिए और आ गये कहाँखुशियों की चादर पर कोई सितारा दिखेये सितारे गगन को चूमते हैं।आँचल […]