शिक्षा और रोजगार क्यों सुलभ नहीं
विचार करें!यदि “सत्य और अहिंसा” ही गांधीवाद का धर्म है तो जनता के साथ आजादी के बाद से अबतक इतना अन्याय क्यों…? सत्य कहता है कि इस दुनिया में सभी मनुष्य एकात्म हैं तो सार्वजनिक […]
विचार करें!यदि “सत्य और अहिंसा” ही गांधीवाद का धर्म है तो जनता के साथ आजादी के बाद से अबतक इतना अन्याय क्यों…? सत्य कहता है कि इस दुनिया में सभी मनुष्य एकात्म हैं तो सार्वजनिक […]
इंसान का इंसान से हो भाईचारा।यही पैगाम हमारा, यही पैगाम हमारा।।और इस भाईचारे का न्यायोचित उपाय है- “शिक्षा और रोजगार”।अर्थात्-1● समाज में 25 वर्ष की आयु तक प्रत्येक नागरिक को मानवीय पात्रता के विकास हेतु […]