धरम न दूसर सत्य समाना। आगम निगम पुरान बखाना॥
हिन्दू लोग जबसे सत्य के स्थान पर ईश्वर, भगवान, देवी, देवता, भूत, प्रेत की पूजा को धर्म मानकर जीवन जीना प्रारम्भ किए, तब से हिंदुओं का बेड़ागर्क हो गया। विश्वव्यापी हिन्दूधर्म बिखरता चला गया।और इनके […]
हिन्दू लोग जबसे सत्य के स्थान पर ईश्वर, भगवान, देवी, देवता, भूत, प्रेत की पूजा को धर्म मानकर जीवन जीना प्रारम्भ किए, तब से हिंदुओं का बेड़ागर्क हो गया। विश्वव्यापी हिन्दूधर्म बिखरता चला गया।और इनके […]
उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती(31 जुलाई, 1880 लमही, काशी) सत्य, निष्ठा और न्याय के पथ पर,मैं जीवन भर चलती जाऊं।सादा जीवन हो उच्च विचार,मैं महापुरुषों से ऐसी सीख लाऊं। आदर्श यथार्थ भरी कहानियां […]