ब्लॉक कोथावां में वोटर लिस्टों की बिक्री के नाम पर हो रही अवैध वसूली

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 15, 2021 0

प्रश्न– निम्नांकित शब्दों में से कौन-से शब्द उपयुक्त हैं और क्यों?(कृपया दो वाक्यों में उत्तर दें।)१– बरात २– बारात ३– बाराती ४– बराती ◆ निकट भविष्य में ‘दैनिक जागरण’, ‘नव दुनिया’ तथा ‘नई दुनिया’ समाचारपत्रों […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 14, 2021 0

कल (१५ मई) शनिवार रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की साप्ताहिक ‘भाषा की पाठशाला’ में ‘पाँच शब्दों’ का अध्ययन करेंगे। आप मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदिक स्थानों से प्रकाशित होनेवाले वहाँ के प्रमुख समाचारपत्रों :– ‘नई दुनिया’ […]

प्रो० सुरेशचन्द्र द्विवेदी एक मिलनसार साहित्यकार थे

May 14, 2021 0

आज (१४ मई) ‘सर्जनपीठ’ और ‘साहित्यांजलि प्रज्योदि’ (प्रयागराज) के संयुक्त तत्त्वावधान में एक आन्तर्जालिक (ऑन-लाइन) शोकसभा का आयोजन किया गया, जिसमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व-अँगरेज़ी-विभागाध्यक्ष और हिन्दी-अँगरेज़ी-भोजपुरी के कवि प्रो० सुरेशचन्द्र द्विवेदी के आकस्मिक निधन […]

सारस्वत मित्र डॉ० क्षमाशंकर पाण्डेय जी एक कुशल अध्येता थे

May 13, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक कुशल अध्येता और कई महाविद्यालयों में हिन्दी-विषय के प्राध्यापन करने के बाद घर में रहकर साहित्य-अनुशीलन में व्यस्त रहनेवाले डॉ० क्षमाशंकर पाण्डेय जी का देहावसान कल (१२ मई) हो […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

May 12, 2021 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••आत्मीय मित्रमण्डल!वर्तमान समय संकट-संत्रास-संघर्षण का है। आप सपरिवार, इष्ट-मित्रवृन्द के साथ महामारी-संक्रमण के समय में अपनी इच्छाशक्ति को सुदृढ़ करें। आप यदि ऊर्जावान् रहते हुए, अभावग्रस्त व्यक्ति की किसी भी रूप में सहायता करने में […]

नीति देश की मनचली, छिनरे हैं सब ओर

May 11, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–गंगा में शव बह रहे, केवल दिखता रोष।शासक मद में चूर है, नहीं किसी को होश।।दो–क्रूर बहुत परिवेश है, साधन-सुविधा हीन।जनता ऐसी दिख रही, मानो कोई दीन।।तीन–हम अपने ही देश […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 7, 2021 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (८ मई) ‘शनिवार’ रहेगा और आपको ‘दैनिक जागरण’ के ‘सप्तरंग’ पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की शनिवासरीय भाषिक प्रस्तुति ”हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत ‘भाषा की पाठशाला’ में पाँच उपयोगी शब्दों को सोदाहरण समझने को […]

आवर्त्तन और दरार

May 3, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–आग आग से कह रही, दु:ख में भी है सुख।सुख तो औरों के लिए, बाँध लो गठरी दु:ख।।दो–तिनका-तिनका जोड़कर, महल बनाया एक।आधी घड़ी न सुख मिला, रहने लगे अनेक।।तीन–कष्ट मिटाओ […]

उन्हें औक़ात पर अब लाइए साहिब!

May 1, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उनकी बातों में मत आइए साहिब!उनकी घातों में मत आइए साहिब !हर गोट के मिज़ाज से वाक़िफ़ हैं वे,भूलकर धोखा मत खाइए साहिब!ख़ैरात भी माँगे तो मत दीजिए उन्हें,उन्हें औक़ात […]

आज़ाद क़लम

April 30, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–चपटी धरती है कहीं, कहीं दिखे है गोल।आँख उठाकर देखिए, सब हैं पोलमपोल।दो–तुलसी औ’ कबीर सूर, सदा हमारे संग।क़लम आज हैं बिक रहे, दिखते नंग-धड़ंग।तीन–शिथिल पड़ी संवेदना, कपट हुई मन-बात।पहचानो! […]

अव्यक्त सत्ता जोड़ लो समष्टि से

April 30, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हो रहा है जो, जहाँ सो हो रहा।व्यर्थ ढपली, बज रही कर्त्तव्य की,भार भारी लग रहा, सब दिख रहे।गात शिथिल स्पष्ट सब लक्षित हुए,कौन जाने कौन-सा पल क्या रहे!बयार हलकी […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 15, 2021 0

यहाँ उन शब्दों के प्रयोग के लिए अनुरोध किया गया है, जो शुद्ध हैं और उपयुक्त भी। कृपया अपने लेखन में उन शुद्ध शब्दों को स्थान देकर, समाज का भाषिक मार्गदर्शन करें। ★ ‘प्रावधान’ के […]

“जमूरा-जमूरा, जमूरा-जमूरा, जमूरा-जमूरा”

April 15, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जमूरे!बोल ओस्ताद।अबे! कहाँ मर गया तू?यहीं तो हूँ ओस्ताद! तेरे पिच्छू।कोरोना से अब तक लाखों लोग मर चुके हैं।फिर ओस्ताद!अबे हरामख़ोर!तुझे क्यों रखा है?’मन की बात’ सुनाऔर यहाँ बटोरी गयी […]

Awakening and sleep

April 12, 2021 0

★ Acharya Pt Prithvi Nath Pandey On the dense road of AllahabadOld-fashioned sleeping adult,Co-ordinates livelihoods;Amazingly collected and segregatedDemonstrate a civilization of conduct;Interviewing the subconscious,As if far from worldlyA dreamed beauty in a closed ventricleShreya-Preya, with […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 12, 2021 0

अशुद्ध वाक्य का शुद्धीकरण (‘शुद्धिकरण’ अशुद्ध शब्दप्रयोग है।) वाक्य– होली की आपको हार्दिक/ अनन्त अनन्त/बहुत/बहुत बहुत/ढेर सारी शुभ कामना/ शुभकामनाएं। होलिकोत्सव (होलिका+उत्सव) पिछले दिनों सम्पन्न हुआ था। ‘मुक्त मीडिया’ (सोसल मीडिया) नामक मंच पर बहुसंख्या […]

मौसम वाणी बोलता, होंगे अबकी पस्त

April 10, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–आस्तीन के साँप सब, मत जाओ अब पास।कदाचार है दिख रहा, कर दो अबकी साफ़।।दो–कितने चतुर-सुजान हैं, हवाबाज़ी में दक्ष।सच की गरदन दाबकर, पाप का रखते पक्ष।।तीन–पाप घड़ा का भर […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 9, 2021 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (१० अप्रैल) ‘शनिवार’ रहेगा और आपको ‘सप्तरंग’ पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की शनिवासरीय भाषिक प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत पाँच शब्दों को सोदाहरण समझने को मिलेगा। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की पाठक-पाठिकाएँ ‘नव दुनिया’ […]

जो बैठे हैं तेरे साथ, वे बेईमान लिये फिरते हैं

April 9, 2021 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बेजान हुस्न की, अदा लिये वे फिरते हैं,चश्मे पुरनम की, अदा लिये वे फिरते हैं।कज़ा लौट घर उनके, दस्तक दे आती है,साथ ज़िन्दगी का, सामान लिये वे फिरते हैं।तल्ख़ अन्दाज़ में, […]

‘बेटी’ ने कुछ कहने के लिए ‘मौक़ा’ दे दिया

April 5, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय २ अप्रैल, २०२१ ईसवी को मेरी बड़ी बेटी कंजिका ने अकस्मात् कहा था, “बाबू जी! जितना आपने ‘हिन्दी’ पर ध्यान दिया है उतना परिवार पर दिये रहते तो क्या बात […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 31, 2021 0

हमारी पाठशाला के विद्यार्थी ‘पानी’ शब्द का प्रयोग प्राय: पेय-अपेय जल के रूप में करते आ रहे हैं और बहुत हुआ तो दो-चार कहावतों-मुहावरों के रूप में या फिर ‘पर्यायवाची’ के रूप में पढ़-लिखकर अपने […]

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