देश की सरकार का जी०एस०टी० पर पलटी मारना, अनुभवहीनता का परिचायक है?

November 11, 2017 0

——-०परिसंवाद-आयोजन०——- सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विषय : देश की सरकार का जी०एस०टी० पर पलटी मारना, अनुभवहीनता का परिचायक है? जिस तरह से आज (१० नवम्बर, २०१७ ई०) देश की सरकार ने १७७ वस्तुओं पर […]

परिसंवाद-आयोजन – विषय : ‘दलित’ शब्द के स्थान पर अब ‘सर्वहारा’ शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए?

November 8, 2017 0

संयोजक-सूत्रधार : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय निस्सन्देह, यह गम्भीर विषय है; जिसका सामाजिक महत्त्व कम, परन्तु ‘राजनीतिक’ बहुत अधिक है। इसी ‘दलित’ शब्द को देश के राजनेताओं और मीडियाकर्मियों ने भारतीय समाज में इस रूप में […]

भारतीय ‘नोटबन्दी’ का कृष्णपक्ष!

November 8, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ० देश के सैकड़ों लोग बैंक की क़तारों में खड़े-खड़े दम तोड़ दिये थे। ० देश की सारी जनता का जीवन अस्त-व्यस्त रहा। ० आहार, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, निवास, खेती-किसानी आदिक पूर्णत: […]

देश को कढ़ाई में तलकर चट कर जाओ

November 2, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- घरेलू गैस-सिलिण्डर में लगभग ९४ रुपये की वृद्धि कर कथित ‘मोदी-सरकार’ ने हमारी गृहस्थी के साथ बेहद घटिया मानसिकता का परिचय दिया है। अपने को जनसेवक कहनेवाला यह व्यक्ति सत्ता की आड़ […]

‘मुद्रित माध्यम’ (प्रिण्ट मीडिया) में अब ‘विशेषज्ञ’ पत्रकारों की आवश्यकता है?

October 18, 2017 0

–—–०परिसंवाद-आयोजन०—— संयोजक-सूत्रधार : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिद्वन्द्विता है, प्रतियोगिता है तथा प्रतिस्पर्द्धा भी। ‘मुद्रित माध्यम’ (समाचारपत्र-पत्रिकाएँ) भी इनसे अछूती नहीं हैं। किसी भी समाचारपत्र अथवा पत्रिका के पन्ने पलटते जाइए फिर […]