आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला
शब्दविचार– ‘परम’ और ‘चरम’ परम :–१– किसी क्षेत्र मे सर्वाधिक उन्नत और सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण।२– किसी दिशा अथवा सीमा मे अग्रसर (सबसे आगे बढ़कर चलनेवाला)।३– जिसके हाथोँ मे सम्पूर्ण शक्ति हो (शक्तिमान्)।इनके अतिरिक्त मुख्य; आदिम को […]