आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 15, 2025 0

शब्दविचार– ‘परम’ और ‘चरम’ परम :–१– किसी क्षेत्र मे सर्वाधिक उन्नत और सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण।२– किसी दिशा अथवा सीमा मे अग्रसर (सबसे आगे बढ़कर चलनेवाला)।३– जिसके हाथोँ मे सम्पूर्ण शक्ति हो (शक्तिमान्)।इनके अतिरिक्त मुख्य; आदिम को […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 5, 2025 0

प्रश्न एक– ‘प्राकृत पैंगलम्’ है :–१– एक ग्रन्थ है।२– एक प्रकार की लिपि३– चीन की एक ऐतिहासिक मीनार४– प्राकृतिक भाषा के प्रवर्तन करनेवाले ऋषि का नामप्रश्न दो– निम्नांकित बोलियोँ मे से कौन-सी बोली पश्चिमी हिन्दी […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 3, 2024 0

अब हमें देवनागरी लिपि के अन्तर्गत हिन्दीभाषा मे प्रयुक्त किये जानेवाले उन शब्दों पर विचार करना होगा, जो लुप्तप्राय हो चुके हैं तथा जो यदा-कदा व्यवहार मे लक्षित होते रहते हैं; और वह भी अशुद्धि-रूप […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 11, 2023 0

◆ आचार्य की पाठशाला की ओर से किये गये प्रश्न ‘देखने’ और ‘उत्तर’ देने मे अत्यन्त सरल लगते हैं, जबकि वे होते नहीं हैं; क्योंकि उसके लिए ‘शरसंधान’ की भाँति ‘शब्दसंधान’ करना पड़ता है। १– […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

August 18, 2022 0

अधोटंकित शब्दों मे से कौन-सा/कौन-से शब्दप्रयोग शुद्ध है/हैं? ● आचार्य की पाठशाला के प्रश्न देखने मे बहुत सरल लगते और दिखते हैं; किन्तु उतने होते नहीं हैं, इसलिए उत्तर टंकित करते समय ‘त्वरा’ का परिचय […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 29, 2022 0

यह पूरी पारदर्शी प्रतिक्रिया नीचे दिखाये गये प्रचारपत्र मे प्रयुक्त शब्दों और विराम-विरामेतर (‘विरामेत्तर’ अशुद्ध है।) चिह्नो के संदर्भ मे की गयी है। यह पढ़े-लिखे लोग का ‘विश्व हिन्दी संगठन’ है; परन्तु भाषाबोध के नाम […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

July 17, 2022 0

शब्द :– भारी बहुमत से; प्रचण्ड बहुमत से; बहुत भारी बहुमत से; भयंकर बहुमत से। ये सभी शब्द अब सार्वजनिक सम्पत्ति हो चुके हैं; ज़ाहिर है, इन्हें पंचायती माल बना दिया गया है; यों (‘यूँ’ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 1, 2022 0

विषय– जन्मदिन बनाम जन्मतिथि/जन्मदिनांक ऐसा ज्ञान, जो आपको इस पाठशाला के अतिरिक्त कहीं नहीं मिलनेवाला है। इसे हम वर्षों से बताते-समझाते आ रहे हैं; परन्तु प्रत्येक कुएँ मे डाली गयी भाँग को बाहर लाकर उस […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 14, 2022 0

विषय– एक सामान्य प्रकार का पत्रलेखन ‘यू ट्यूब’ पर ऐसे-ऐसे जानकारशास्त्री अवतरित होते आ रहे हैं, जिनका बुद्धि-वैभव देख-समझकर विद्रूपतापूर्ण हँसी आती है। ऐसी-ऐसी पुरुष-महिलाएँ भाषाज्ञान कराने और अन्य विषयों पर ज्ञान बघारने के लिए […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 8, 2022 0

निर्देश– एक शब्द मे प्रयुक्त अक्षरों की सहायता से सार्थक शब्द बनायें (‘बनाएँ’ अशुद्ध है।) और उसका अर्थ भी बतायें—जैसे— आराधना = पूजा-अर्चना-उपासना।आराधना मे चार अक्षर हैं। इस शब्द के अन्तर्गत इन्हीं चार अक्षरों की […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 25, 2022 0

यहाँ उन शब्दों के प्रयोग पर सम्यक् विचार किया गया है, जो शुद्ध हैं और उपयुक्त भी। आप उच्चारण और लेखन-स्तर पर उन शुद्ध शब्दों को भक्तिभाव के साथ ग्रहण करते हुए, समाज का भाषिक […]

‘यू ट्यूब’ पर शीघ्र ही ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ नामक सारस्वत आयोजन होगा शुरू

April 16, 2022 0

विशेष सूचना•••••••••••••••• ‘दैनिक जागरण-प्रतिष्ठान’ ने समाचारपत्र के काग़ज़ मे कटौती करते हुए, ‘सप्तरंग’ पृष्ठ (‘झंकार का पृष्ठ दो) मे कटौती कर दी है, इसलिए आप अब प्रतिरविवार प्रकाशित की जा रही ‘भाषा की पाठशाला’ से […]

‘ डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ‘ ‘वर्ण’ और ‘अक्षर’ के मध्य अन्तर को समझिए

April 13, 2022 0

‘वर्णमाला’ के अन्तर्गत हमारे अधिकतर अध्यापक- वृन्द ‘वर्ण’ और ‘अक्षर’ की बात करते हैं। पुस्तकों में इस आशय की परिभाषा विद्यार्थियों को भ्रमित करती है :– वर्ण को ‘अक्षर’ भी कहते हैं। ऐसे में ही, […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 9, 2022 0

•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (१० अप्रैल) ‘रविवार’ रहेगा और आपको ‘झंकार’ के दूसरे पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की रविवासरीय भाषिक प्रस्तुति ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत ‘भाषा की पाठशाला’ मे महत्त्वपूर्ण शब्दों :– ‘अरण्यरोदन’, ‘छूमन्तर’, ‘ठठोली’ आदिक का […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 22, 2022 0

यह एक समाचार-चैनलद्वारा/चैनल-द्वारा प्रस्तुत किया गया समाचार है। (‘चैनल द्वारा’ अशुद्ध शब्द-प्रयोग है; क्योंकि दोनो शब्द पृथक्-पृथक् दिख रहे हैं, जबकि ‘चैनलद्वारा’/’चैनल-द्वारा’/’चैनल ‘के’ द्वारा’ सम्बन्धबोधक कारक है और षष्ठी तत्पुरुष समास का उदाहरण भी।) इस […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 12, 2022 0

कल (१३ मार्च) रविवार/रविवासर होगा और आप प्रति सप्ताह की भाँति ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के चारपृष्ठीय ‘झंकार’ के द्वितीय पृष्ठ पर ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत हमारी रविवारीय/ रविवासरीय ‘भाषा की […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 19, 2022 0

कल (२० फ़रवरी) रविवार रहेगा। आप ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की रविवारीय/ रविवासरीय प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ में कल ऐसे अनेक शब्दों का अध्ययन करेंगे, जिनके अर्थ को न समझते हुए, अधिकतर जन मौखिक और लिखित भाषाओं […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 18, 2022 0

आप प्रत्येक वर्ण के पञ्चमाक्षर/पंचमाक्षर का प्रयोग सम्बन्धित प्रत्येक शब्द में ‘लेखनी’ के माध्यम से तो कर सकते हैं; किन्तु ‘टंकण-माध्यम’ से वैसा सम्भव नहीं हो पा रहा है। ऐसा इसलिए कि सम्बन्धित ‘सॉफ़्टवेअर’ की […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 9, 2022 0

साहित्यिक संस्थान ‘हिन्दुस्तानी एकेडेमी’-द्वारा अक्षम्य अशुद्ध शब्द-प्रयोग और व्याकरण की अवहेलना ● विशेष– आप ऊपर दिख रहे निमन्त्रणपत्र मे घेरे गये शब्द और वहाँ अंकित (६) अंक की गणना न कर, घेरे गये (७) को […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 3, 2021 0

टी० ह्वी० पर विद्यार्थियों को शिक्षित करने के उद्देश्य से ‘किशोर-मंच’ नामक एक ‘चैनल’ संचालित किया जाता है। आज (३ जुलाई) ‘किशोर-मंच’ चैनल पर रात्रि ११ बजे एक शिक्षक कक्षा नौ की पुस्तक स्पर्श, पाठ […]

आपका अनन्य समूह ‘शब्दसंधान’ में स्वागत है

June 27, 2021 0

आत्मीय प्रबुद्धवृन्द!यथोचित अभिवादन। आप यदि शुद्ध और उपयुक्त हिन्दी-शब्दों को जानना-समझना चाहते हों तो हमने आपके लिए एक ऐसे समूह का गठन (यहाँ ‘निर्माण’ शब्द अशुद्ध है और अनुपयुक्त भी।) किया है, जिसमें बड़ी संख्या […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 18, 2021 0

कल (१९ जून) ‘शनिवार’ रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के समस्त संस्करणों में कल एक साथ प्रकाशित साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत ‘जन्मजयन्ती’, ‘जयन्ती’, ‘जन्मदिन’, ‘जन्मतिथि’ तथा कई […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 17, 2021 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••◆ निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को कारण-सहित विशद (स्पष्ट) रूप में शुद्ध करें।■ अशुद्ध वाक्य है– प्राधानाचार्या महोदय! आपके दर्शनों को पाकर मैं अभिभूति हूँ।● अब इस वाक्य की अशुद्धियों को विस्तारपूर्वक समझते हुए, इसके शुद्ध […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 11, 2021 0

कल (१२ जून) ‘शनिवार’ रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के समस्त संस्करणों में कल एक साथ प्रकाशित साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत ‘भोग’-‘उपभोग’, ‘उपयोग’, ‘प्रयोग’, ‘वियोग’ तथा ‘संयोग’ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 10, 2021 0

अशुद्ध और अनुपयुक्त शब्द-प्रयोग :– सगुण-दुर्गुण, कपूत-सपूत। यहाँ शुद्ध और उपयुक्त शब्द ‘सुगुण’ है। ‘सुगुण’ और ‘दुर्गुण’ ही एकसाथ प्रयोग किये जानेवाले विपरीतार्थक शब्द हैं। सगुण का अर्थ है, ‘गुणसहित’ और सुगुण का अर्थ है, […]

‘अमर उजाला उड़ान’ के ‘मार्गदर्शन’ में कल (९ जून)

June 8, 2021 0

कल (९ जून) बुद्धवार रहेगा और आप कल की ‘अमर उजाला उड़ान’ पत्रिका में हमारे साप्ताहिक स्तम्भ ‘मार्गदर्शन’ के अन्तर्गत ‘प्रेरणाप्रद विचार’– ‘ज़िन्दगी की किताब पढ़ना सीखें’ का अनुशीलन करेंगे। सच, मनुष्य वेद-वेदान्त तथा अन्य […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 14, 2021 0

कल (१५ मई) शनिवार रहेगा और आप ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की साप्ताहिक ‘भाषा की पाठशाला’ में ‘पाँच शब्दों’ का अध्ययन करेंगे। आप मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदिक स्थानों से प्रकाशित होनेवाले वहाँ के प्रमुख समाचारपत्रों :– ‘नई दुनिया’ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 13, 2021 0

देश के अधिकतर लोग देवनागरी लिपि में ‘Vaccine’ की वर्तनी का अशुद्ध लेखन कर रहे हैं और उच्चारण भी। इसकी शुद्ध वर्तनी ‘वैक्सिन’ है, जिसे हिन्दी में ‘टीका’ कहते हैं। कृपया इसके वर्तनी-प्रयोग करते समय […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 7, 2021 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (८ मई) ‘शनिवार’ रहेगा और आपको ‘दैनिक जागरण’ के ‘सप्तरंग’ पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की शनिवासरीय भाषिक प्रस्तुति ”हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत ‘भाषा की पाठशाला’ में पाँच उपयोगी शब्दों को सोदाहरण समझने को […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 12, 2021 0

अशुद्ध वाक्य का शुद्धीकरण (‘शुद्धिकरण’ अशुद्ध शब्दप्रयोग है।) वाक्य– होली की आपको हार्दिक/ अनन्त अनन्त/बहुत/बहुत बहुत/ढेर सारी शुभ कामना/ शुभकामनाएं। होलिकोत्सव (होलिका+उत्सव) पिछले दिनों सम्पन्न हुआ था। ‘मुक्त मीडिया’ (सोसल मीडिया) नामक मंच पर बहुसंख्या […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 9, 2021 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (१० अप्रैल) ‘शनिवार’ रहेगा और आपको ‘सप्तरंग’ पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की शनिवासरीय भाषिक प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत पाँच शब्दों को सोदाहरण समझने को मिलेगा। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की पाठक-पाठिकाएँ ‘नव दुनिया’ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 31, 2021 0

हमारी पाठशाला के विद्यार्थी ‘पानी’ शब्द का प्रयोग प्राय: पेय-अपेय जल के रूप में करते आ रहे हैं और बहुत हुआ तो दो-चार कहावतों-मुहावरों के रूप में या फिर ‘पर्यायवाची’ के रूप में पढ़-लिखकर अपने […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 12, 2021 0

कल (१३ मार्च) शनिवार होगा और आप प्रति सप्ताह की भाँति ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के सप्तरंग पृष्ठ पर ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत हमारी शनिवासरीय ‘भाषा की पाठशाला’ में यह ज्ञान […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 25, 2021 0

आप नीचे एक कोश के आवरण-पृष्ठ और उसके आरम्भिक पृष्ठ के क्रमश: दो चित्रों को ध्यानपूर्वक देखें। इसे देश के प्रसिद्ध प्रकाशन-प्रतिष्ठान ‘डायमंड’ प्रकाशन, दिल्ली ने प्रकाशित किया है। यह हिन्दी का एक शब्दकोश है; […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 21, 2021 0

भाषा व्यक्तित्व को निखारती है और उसमें एक सुखद आकर्षण भी उत्पन्न करती है। आइए! अपने व्यक्तित्व को सँवारें। सौन्दर्य और सौन्दर्य-बोध की अवधारणा — कोई भी कविता ‘सुन्दर’ अथवा ‘nice’, ‘beautiful’, ‘great’ नहीं होती […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 19, 2021 0

कल (२० फ़रवरी) शनिवार रहेगा। ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की शनिवासरीय प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ में आप कल अनेक ऐसे शब्दों का अध्ययन करेंगे, जिनका ‘आप सभी’ अभी तक अशुद्ध अर्थ जानते-मानते-समझते तथा व्यवहार करते आ रहे […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 28, 2021 0

★उत्तरप्रदेश-विधानसभा समूह ‘ख’ की परीक्षा पर प्रश्नचिह्न★’हिन्दी-भाषा’ के प्रश्नपत्र तैयार करनेवालों की अयोग्यता सामने आयी विद्यार्थी किसी भी परीक्षा में इसलिए सम्मिलित होते हैं कि उनका परिश्रम सार्थक हो और वे परीक्षा की कसौटी पर […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 11, 2021 0

”देखिए! ये हसीं शाम ढलने को है,अब तो जाने की इजाज़त दे दो मुझे।” यह युगल गीत ‘राज़’ फ़िल्म का है, जिसे लता मंगेश्कर जी और मुकेश जी ने गाये हैं। यहाँ पर दो विचारणीय […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 19, 2020 0

★ शब्द-विचारज़िम्म:दार-ज़िम्म:वार— सही शब्द ‘ज़िम्म:दार’ और ‘ज़िम्म:वार’ है। अब प्रयोग के धरातल पर वही ‘जिम्मेदार’ और ‘जिम्मेवार’ बन गया है। दोनों ही ‘अरबी’ शब्द हैं। दोनों का एक ही अर्थ है। ज़िम्मा में क्रमशः ‘दार’ […]

‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला’

December 11, 2020 0

◆ नीचे दिये गये ‘चित्र’ को गम्भीरतापूर्वक देखें।■ न हिन्दी और न ही अँगरेजी का बोध!‘बस-विभाग’ की मूढ़ता अथवा ‘वाराणसी विकास प्राधिकरण’ का प्रमाद कहा जाये– न हिन्दी का संज्ञान और न ही अँगरेज़ी का […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 5, 2020 0

■ ‘विरामचिह्नों के प्रयोग वाक्य में स्पष्टता लाने के लिए, अर्थात् अर्थ का भाव प्रकट करने के लिए विराम-चिह्नों के प्रयोग अनिवार्य माने गये हैं। निस्सन्देह, विरामचिह्न की स्वतन्त्र सत्ता नहीं होती; परन्तु महत्ता अवश्य […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 27, 2020 0

कल (२८ नवम्बर) शनिवार रहेगा और आपको देश के शीर्षस्थ दैनिक हिन्दी-समाचारपत्र ‘दैनिक जागरण’ और मध्यप्रदेश के पाठकप्रिय दैनिक हिन्दी-समाचारपत्र ‘नई दुनिया’ के कल के अंक में अतीव उपयोगी साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ (‘सप्तरंग’ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 26, 2020 0

निर्देश– नीचे दिये गये प्रश्नों में पाँच शब्द अंकित हैं और उत्तर के रूप में उनके विकल्प भी। आप प्रश्न-प्रकृति को समझते हुए, दिये गये शब्दों के शुद्ध और उपयुक्त अर्थ बताइए।१- परिरम्भ :–(क) गाढ़ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 14, 2020 0

शुद्ध और उपयुक्त शब्द-प्रयोग :– दीपावली-दीवाली, दीया-दिया, प्रज्वलन, अधिकांश-अधिकतर, अवतरण-जन्म। ★ दीपावली-दीवाली– इन दोनों ही शब्द-प्रयोग को लेकर लोग भ्रम और संशय की स्थिति में रहते हैं। यही कारण है कि कुछ लोग ‘दीपावली’ तो […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 7, 2020 0

◆ निम्नांकित शब्द उत्तरप्रदेश के आंचलिक बोली-व्यवहार के अन्तर्गत आते हैं। आंचलिक शब्दों का कोई ‘सर्वमान्य’ व्याकरण नहीं है, इसीलिए स्थानिक भाषा का कोई स्वतन्त्र व्याकरण नहीं होता और उन्हें ‘बोली’ का नाम दे दिया […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 23, 2020 0

◆ शब्द– अल्ला और अल्लाह। ★ अल्ला– यह ‘संस्कृत-भाषा’ का शब्द है, जो लिंग-निर्धारण के अन्तर्गत स्त्रीलिंग का शब्द है। अधिकतर कोशकार ‘अल्ला’ शब्द को ‘अरबी-भाषा’ बताते हैं, जो कि भयंकर दोष है। शब्दभेद की […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की भाषा की पाठशाला के उत्तर

October 22, 2020 0

उत्तर, प्रश्न-शृङ्खला के अन्त में अङ्कित हैं । निम्नांकित में से शुद्ध उत्तर का चयन कीजिए :—-(यदि आपको लगता है कि इनमें से कोई उत्तर शुद्ध नहीं है तो कृपया शुद्ध उत्तर अंकित करें।)१- परीक्षक […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 12, 2020 0

१- निम्नांकित के अन्तर्गत प्रत्येक में से कौन-सा शब्द/वाक्य अशुद्ध नहीं है?(क) खिलाड़ी ने गेंद फेंका । (ख) खिलाड़ी ने गेंद फेंकी। (ग) खिलाड़ी ने गेंद फेकी।(घ) खिलाड़ी गेंद फेका। (ङ) खिलाड़ी गेंद फेकी।२- (क) […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला

February 25, 2020 0

यह है, ‘न्यूज़ 24’ समाचार-चैनल। नीचे ‘न्यूज़ 24’ समाचार-चैनल-द्वारा २४ फ़रवरी, २०२० ई० को प्रसारित किये गये दो समाचार दिखाये गये हैं। आप अब नीचे प्रदर्शित किये गये दोनों चित्रों के भाषिक सत्य को समझें […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में जायसी का ‘पद्मावत’ : एक अनुशीलन

November 20, 2019 0

‘पद्मावत’ महाकाव्य भारतीय परिभाषा के अन्तर्गत नहीं आता। उसे एक बृहद् खण्ड काव्य कहा जा सकता है। ऐसा इसलिए कि उसमें कथा की धारा सर्गों में विभाजित न होकर, अविच्छिन्न रूप में प्रवहमान है, उसे […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 11, 2018 0

★ निम्नांकित शब्दों में से कोई एक शब्द ही शुद्ध है। आप शब्दों को व्याकरण की कसौटी पर कसते हुए, शुद्ध शब्द बताइए :– १- (क) अन्तेवासी (ख) अन्तःवासी (ग) अन्तवासी (घ) अन्ते:वासी २- (क) […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें

October 2, 2018 0

★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें :—- साहित्येत्तर, विवाहेत्तर, पाठ्येत्तर, संग्रहित, गणमान्य, ख्याल, सूनसान, अनुग्रहित, बहुत बेहतर, सबसे बेहतरीन, बावजूद भी, अत्यन्त ही, प्राणप्रण, आद्यान्त, प्रवाहमान, सेवा-सुश्रूषा, शोधछात्र, विद्वतजनों, समर्थवान, गुणीजनों, कार्यकत्री। ★ शुद्ध शब्द :– साहित्येतर, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

September 28, 2018 0

★ हमारे महान् साहित्यकार, समीक्षक, कवि-कवयित्री, शायर इत्यादिक बहुत गर्व के साथ मंचों के माध्यम से कहते हैं :—– ० मैंने अभी-अभी एक ताज़ी कहानी लिखी है। ० मैं एक ताज़ी ग़ज़ल पेश करती हूँ। […]

सीखने-सिखाने की ‘सामर्थ्य’ जाग्रत कीजिए

July 17, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, ‘भाषापरिष्कार-समिति’ केन्द्रीय कार्यालय, इलाहाबाद ——————————————————– शब्द : भारी बहुमत से, प्रचण्ड बहुमत से, बहुत भारी बहुमत से, भयंकर बहुमत से ——————————————————– ये सारे शब्द अब सार्वजनिक सम्पत्ति हो चुके हैं; ज़ाहिर है, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ – ‘अन्त:स्थ’ और ‘अन्तस्थ’

June 9, 2018 0

वर्णमाला के अन्तर्गत जिन य, र, ल, व के समुच्चय को ‘अन्त:स्थ’ कहा जाता है, (अधिकतर पुस्तकों में ‘अन्त:स्थ’ के स्थान पर ‘अन्तस्थ’ का प्रयोग किया गया है, जो अशुद्ध है।) उनमें में से दो […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला – आरम्भ-प्रारम्भ-समारम्भ-परिरम्भ

May 19, 2018 0

आरम्भ– किसी भी कार्य की प्रथम अवस्था का अनुष्ठान अथवा सम्पादन ‘आरम्भ’ है। दूसरे शब्दों में— कोई भी कार्य जब पहली बार किया जाता है तब उसे ‘आरम्भ’ कहा जाता है। अब ‘आरम्भ’ शब्द-संरचना पर […]

समीक्षा-अधिकारी परीक्षा’ के ‘सामान्य हिन्दी’ प्रश्नपत्र का परीक्षण और समीक्षण :-

April 14, 2018 0

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला’ आश्चर्य है, सामान्य हिन्दी/हिन्दी-भाषा के प्रश्नपत्र के अन्तर्गत किये गये प्रश्नों में ‘प्राश्निक’ (प्रश्नपत्र तैयार करनेवाला) ने व्याकरणिक अनुशासन की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। इससे सुस्पष्ट हो जाता है […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ से —-०समीक्ष्य विचार-बिन्दु०—- ‘आलोचना’ क्या है?

April 1, 2018 0

आज साहित्य में आलोचना के नाम पर जो कृत्य किये किये जा रहे हैं, वे नितान्त निन्दनीय हैं, कारण कि जो स्वयम्भू आलोचक हैं, वे तटस्थ लोचनधर्मी हैं ही नहीं। ऐसा इसलिए कि तथाकथित साहित्यकार, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला – दो : आरम्भ-प्रारम्भ-समारम्भ

February 24, 2018 0

किसी भी कार्य की प्रथम अवस्था का अनुष्ठान अथवा सम्पादन ‘आरम्भ’ है। दूसरे शब्दों में— कोई भी कार्य जब पहली बार किया जाता है तब उसे ‘आरम्भ’ कहा जाता है। अब ‘आरम्भ’ शब्द-संरचना पर हम […]