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कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु माइक्रोप्लान के तहत टीमों का गठन कर चलाया जा रहा विशेष जागरूकता अभियान

कासिमपुर/कछौना (हरदोई) महामारी की दूसरी लहर में ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते मामले पर सरकार ने सतर्कता दिखाते हुए घर-घर जाकर जांच करने का निर्देश दिया है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेकाबू हालात को नियंत्रित किया जा सके। महामारी से बचने की इस मुहिम में बड़े पैमाने पर टीकाकरण की व्यवस्था की गई है तथा निर्देश दिया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह से सतर्कता बरती जाए। चयनित की गई टीमों द्वारा घर-घर जाकर टेस्टिंग व संरक्षण का कार्य किया जाए।

बताते चलें कोरोना का संक्रमण शहरों के साथ गांवों में भी तेजी से पैर पसार रहा है। गांवों में संक्रमण न फैले इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रभारी अधीक्षक डॉ० किसलय बाजपेई ने बताया कि माइक्रो प्लान के तहत टीमें बनाई जा रही हैं जो गांव-गांव जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। जो भी लोग टीम में शामिल हैं उन्हें मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य टीमों को अपने साथ मेडिकल किट रखने का भी निर्देश दिया गया है।

कोविड संक्रमित व्यक्तियों का घर-घर जाकर परीक्षण किया जा रहा है। संदिग्ध व्यक्तियों को होम आइसोलेट करना, बाहर से आए हुए प्रवासी व्यक्तियों का डाटा कलेक्ट करना, गांवों में सैनिटाइजेशन, साफ सफाई का रखने का विशेष निर्देश दिया गया है। परंतु ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान द्वारा शपथ न लेने के कारण अभी तक गांव की सफाई व्यवस्था चौपट पड़ी हुई है। जिसके कारण जगह-जगह पर गंदगी एवं कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जो संक्रामक बीमारी को आमंत्रित कर रहे हैं। गांवों में कोविड संक्रमण से सुरक्षा हेतु स्कैनिंग, टेस्टिंग व स्वच्छता अभियान को विशेष रुप से चलाने की नितांत आवश्यकता है।

कोविड टेस्टिंग के तहत निगरानी समितियां घर-घर जाकर स्कैनिंग करेंगी, संक्रमित व्यक्ति में लक्षण पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया जाएगा। जो लक्षण प्राप्त लोग हैं उनका एंटीजन टेस्ट कराया जाएगा, साथ ही निगरानी समितियों के द्वारा उन्हें इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा। गांव में कोरोना संक्रमित लोग काफी संख्या में है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार मौसमी बीमारी ज्यादा है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग के अभियान के तहत कोरोना संक्रमित लोगों को चिह्नित किया जा रहा है तथा उन्हें डॉक्टर की सलाह तथा मेडिकल किट उपलब्ध कराई जा रही है। ग्राम में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान, आशाबहू, लेखपाल, प्रधानाचार्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री तथा सचिव आदि शामिल हैं। जिनके द्वारा ग्रामीणों की थर्मल स्कैनिंग एवं ऑक्सीजन स्तर को नापा जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी रिपोर्ट तैयार कर अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उपलब्ध कराते हैं।

बीते दिनों चुनाव के कारण ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण की काफी लहर फैल चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण को रोकना शासन एवं प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। मतगणना केंद्र पर जमकर भीड़ होने से कोविड निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई थी, जिसके चलते यह विस्फोट हुआ है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं जनसंख्या के अनुसार काफी कम हैं, जिसके कारण जनता आज भी झोलाछाप डॉक्टरों के पास अपना इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। ज्यादातर लोग झोलाछाप डॉक्टरों से दवा ले रहे हैं, परंतु झोलाछाप डॉक्टर इलाज के साथ-साथ मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार कछौना, कासिमपुर थाना क्षेत्र में प्राइवेट नर्सिंग होम सरकार की बगैर अनुमति के ही कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ऐसे में उनके स्टाफ कोरोना इलाज के दिशा निर्देशों की अवहेलना करते हुए बिना किसी सुरक्षा के ही इलाज कर रहे हैं और तो और कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का इलाज भी साधारण मरीजों के ही बीच में रखकर किया जा रहा है। जिससे संक्रमण का खतरा तेजी से फैलने की प्रबल संभावना है। अस्पतालों में इलाज के दौरान बचे अवशिष्ट पदार्थों को रखने की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। सारी व्यवस्था राम भरोसे ही चल रही है। यदि समय के चलते शासन प्रशासन नहीं चेता तो बड़ी मात्रा में जीवन जनहानि होने की संभावना है।

रिपोर्ट- पी०डी० गुप्ता एवं सहयोगी सत्यम पटेल

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