ऊर्जा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार एवं राष्ट्रीय सचिव, भारतीय जनता पार्टी श्रीकान्त शर्मा ने ट्वीट के ज़रिए बताया कि नवीन सौर ऊर्जा नीति-2017 से पांच साल में 10,700 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। इसमें से 4300 मेगावाट उत्पादन रूफटॉप सोलर प्लांट से किया जाएगा। हर साल 1 करोड़ 36 लाख 70 हजार टन कार्बन डाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा। सोलर प्लांट को बढ़ावा देने से हर साल 1 करोड़ 36 लाख 70 हजार टन कार्बन डाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा। यह 6 करोड़ 42 लाख पेड़ों द्वारा अवशोषित कार्बन डाइ ऑक्साइड के बराबर है।
मन्त्री श्रीकान्त शर्मा ने यह भी जानकारी दी कि सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कई उपाय करेगी जिसमें 10 हजार सूर्य मित्रों की नियुक्ति भी की जाएगी। सूर्य मित्रों को कौशल विकास मिशन के तहत सौर ऊर्जा तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। नई सौर ऊर्जा नीति से बुंदेलखंड और पूर्वांचल को विशेष लाभ मिलेगा। सौर ऊर्जा नीति-2017 के तहत सरकार 1831 करोड़ रुपए व्यय करेगी। निजी आवासों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने वालों को पहले आओ-पहले पाओ नीति के तहत प्रति किलोवाट 15 से 30 हजार रुपए अनुदान मिलेगा। यह राशि पहले 100 मेगावाट के प्लांट की स्थापना के लिए होगी।