नेता जी की जय

Share this on WhatsApp★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–नेता आतंकी बने, बाँट रहे हैं देश।बोल विषैले बोलते, नक़्ली दिखता वेश।।दो–नेता इनको मत कहो, करते हैं व्यापार।मानवता को खा रहे, दिखें धरा पर भार।।तीन–घृणित कृत्य से … Continue reading नेता जी की जय