कुत्ते को गाय बनाना, बात कठिन

डा. दिवाकर दत्त त्रिपाठी (चिकित्सक/युवा साहित्यकार)-


बंदर को आइना दिखाना , बात कठिन ।
मूरख को सच भी समझाना, बात कठिन।
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साबुन से नहला दो ,ये कर सकते हो !
पर कुत्ते को गाय बनाना, बात कठिन ।
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जो सूअर है वो कीचड़ में लोटेगा ,
उसे पंक से बाहर लाना, बात कठिन ।
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पाँवों से अक्षम पर्वत चढ़ जाता है ,
मानस लँगड़े को दौड़ाना, बात कठिन ।
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चिड़िया तू चुपचाप घोंसले मे ही रह !
बुद्धिहीन को बुद्धि बताना, बात कठिन ।