जय बोलो ‘बेईमान’ की!
जय बोलो ‘बेईमान’ की!यह है, ‘हिन्दुस्तानी एकेडेमी’, प्रयागराज का कृत्य!आप सब नीचे दिख रहे तथाकथित ‘आमंत्रण पत्र’ की हिन्दीभाषा पर दृष्टि-निक्षेपण करेँ। इस साहित्यिक संस्था का गौरवमय अतीत रहा है; परन्तु जबसे इसका राजनीतीकरण कर […]
जय बोलो ‘बेईमान’ की!यह है, ‘हिन्दुस्तानी एकेडेमी’, प्रयागराज का कृत्य!आप सब नीचे दिख रहे तथाकथित ‘आमंत्रण पत्र’ की हिन्दीभाषा पर दृष्टि-निक्षेपण करेँ। इस साहित्यिक संस्था का गौरवमय अतीत रहा है; परन्तु जबसे इसका राजनीतीकरण कर […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– Essay ——:—– In Essay Many paragraphs,Joined with care.They share same topic,Clear and fair. Paragraph —–:-‐– A group of sentences,About one thought.Together they explain,The lesson taught. Idiom —-:— Idiom is special phrase,Not […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– Figure of Speech :– Words arranged,In a special way.They make writeup,Brighter in many way. Simile :– Two things compared,Using “as” or “like.”Simile says harsh words,Seems me as spike. Metaphor :– A […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– Grammar is the foundation of every language. It helps us speak correctly, write clearly, and express our thoughts with confidence. Yet many students find grammar difficult because they are asked to […]
प्रेमचंद पुस्तकालय में सजाकर रखे जाने वाले नहीं बल्कि खरीदकर पढ़े जाने वाले लेखक है। वैसे तो हिंदी साहित्य में एक से बढ़कर एक लेखक, कवि, गीतकार, आलोचक आदि हुए हैं। प्राचीन और मध्यकालीन साहित्य […]
प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे सुप्रसिद्ध चिन्तक-विचारक एवं स्वतन्त्रतासेनानी राजर्षि पुरुषोत्तमदास टण्डन के जन्म-दिनांक के अवसर पर १ अगस्त को ‘पुरुषोत्तमदास टण्डन एवं उनका राष्ट्रवाद’ विषयक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया, जिसमे […]
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की न्यायपालिका को हिला देने वाली एक गंभीर घटना इलाहाबाद हाईकोर्ट में सामने आई है। कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े बहुचर्चित माफिया केस की जमानत याचिका की सुनवाई […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– Every year on 15th August, India celebrates Independence Day with pride and gratitude. It is not just a day to hoist the tricolor or sing the national anthem. It is a […]
प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे प्रेमचन्द की जयन्ती के अवसर पर पूर्व-संध्या मे (‘पूर्व-संध्या पर’ अशुद्ध है।) ‘प्रेमचन्दकथा-लेखन की प्रासंगिकता’ विषय पर प्रयागराज और बलिया से एकसाथ एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav Beyond the dawn of thought He stands, Beyond where time or silence lands; No birth proclaims, no end defines, The Source from which all being shines. His grace dissolves illusion’s veil, […]
प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से कथा-सम्राट् प्रेमचन्द के जन्म-दिनांक (३१ जुलाई) की पूर्व-संध्या मे ‘प्रेमचन्दकथा- लेखन की प्रासंगिकता’ विषय पर बलिया और प्रयागराज से एकसाथ राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन होगा। आयोजक, व्याकरणवेत्ता […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– Many languages, many song,One country where all belong.Different cultures, different ways,Together we sparks India’s days.Respect and love make us strong,Helping every heart belong.Hand in hand we’ll always grow,Sharing kindness everywhere we […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• डॉ० अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम प्रेय थे तो श्रेय भी। उन्होँने जब राष्ट्रपति-पद की शपथ ली थी तब अपने ओजस्वी सम्बोधन मे जो कुछ कहा था, उससे ही प्रतीत […]
वीवीएम परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित छात्र-छात्राएं कैश पुरस्कार, सम्मान पत्र, मोमेंटो के साथ-साथ राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् के इन्नोवेशन हब की वार्षिक सदस्यता, एक साल तक ₹2000/ मासिक की दर से कुल ₹24000/ […]
Good morning respected Principal, teachers, distinguished guests, and my dear friends. Today, we gather to celebrate the 79th Independence Day of our beloved India. On this historic day, we remember the sacrifices of countless freedom […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– Can you imagine life without a friend?Without a heart on which your soul can depend? Life is no game of endless delight;It weaves through shadows before finding light.Its roads are winding, […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– Freedom came through sacrifice and pain.Courage of all Indians shall forever remain.The tricolour flies so proud high and high.A symbol of dignity that colours all the sky.With honesty for nation let […]
I dream of skies forever blue,Where every dream can come true.Schools that teach mind and soul,Helping every child reach at goal.Clean rivers, land and green,The loveliest country ever seen.Science, courage, hope with grace,Lead our nation […]
रामल्लाह (फिलिस्तीन)। भारत और फिलिस्तीन के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। फिलिस्तीन में भारत की प्रतिनिधि महिमा सिकंद और यहां के राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था […]
नई दिल्ली। संयुक्त गणराज्य तंजानिया के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र जांजीबार के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. हुसैन अली म्विनी से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। चार दिवसीय आधिकारिक भारत […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मनुष्य का जीवन केवल अपने अस्तित्व को बनाए रखने का नाम नहीं है; उसका वास्तविक उद्देश्य अपने अस्तित्व को दूसरों के लिए सार्थक बनाना है। इसीलिए कहा गया है कि इस […]
पास्ट की, भूत की बात करने लगोगे तो सिर्फ सोनम वांगचुक ही नहीं कई का इतिहास स्याह रहा है, बल्कि बेहद संदेहास्पद रहा है। जो आज हीरो बने बैठे हैं, वे कल के खलनायक थे। […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भारतीय दर्शन का मूल आधार यह है कि परम सत्य सीमित नहीं है। उसे न केवल किसी एक नाम, रूप, स्थान या उपासना-पद्धति में बाँधा जा सकता है और न ही […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav Whenever I feel so sad inside.All my smiles just run and hide.I build a little room with quiet wall.Where no one hears my voice at all. It grows so big, it […]
प्रतिष्ठित साहित्यकार, राजनेता एवं पत्रकार रमेशचन्द्र पोखरियाल ‘निश्शंक’ के जन्मदिनांक (१५ जुलाई) के अवसर पर ‘रमेशचन्द्र पोखरियाल की दृष्टि और सृष्टि’ विषय पर सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका (झारखण्ड) मे एक संगोष्ठी का आयोजन किया […]
ब्रुसेल्स। बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आयोजित ऐतिहासिक पहली भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता की विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सह-अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में बेल्जियम के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रिवोट ने […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भारतीय दर्शन का मूल प्रयोजन केवल तात्त्विक विमर्श या बौद्धिक जिज्ञासा की तुष्टि नहीं है, अपितु मानव जीवन को उसके परम पुरुषार्थ—आत्मसाक्षात्कार एवं ब्रह्मानुभूति—की ओर उन्मुख करना है। भारतीय मनीषा के […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– दण्डकारण्य में प्रवेश करते-करते अनेक सप्ताह बीत चुके थे। अब वन ने इन तीनों यात्रियों को स्वीकार कर लिया था। जहाँ पहले पक्षी उड़ जाते थे, अब वे समीप बैठ जाते। […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– हे त्रिभुवनपति! हे विश्वनाथ!हे विश्वेश्वर! हे जगन्नाथ!करुणा कर दो शम्भो मुझ पर,हो शिवचरणो मे मेरा निवास।शिव-शिव जपते बीते जीवन,शिवमय हो मेरी प्रत्येक श्वास।।हे डमरूधर! हे नंदीनाथ।हे त्रिभुवनपति! हे विश्वनाथ!हे विश्वेश्वर! हे […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– चित्रकूट पीछे छूट चुका था। अब वन का स्वरूप बदल रहा था। यहाँ वृक्ष अधिक विशाल थे। उनकी जटाएँ मानो धरती को आलिंगन करती थीं। लताएँ शताब्दियों पुराने वृक्षों से इस […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– चित्रकूट की वंदनीय भूमि से आगे बढ़ते हुए जब श्रीराम, लक्ष्मण और सीता महर्षि अत्रि के आश्रम पहुँचे, तब संध्या अपने सुनहरे चरण धीरे-धीरे वनभूमि पर रख रही थी। पश्चिम दिशा […]
चित्रकूट का वन उस दिन असाधारण रूप से शांत था। वायु जैसे अपने वेग को रोककर किसी महान संवाद की प्रतीक्षा कर रही थी। मंदाकिनी का जल सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक निर्मल प्रतीत होता […]
जिनेवा/नई दिल्ली (8 जुलाई): जहां चाह, वहां राह… इन पंक्तियों को सहारनपुर के कुमार सत्यम ने चरितार्थ करके दिखाया है। कुमार सत्यम के एआई आधारित डिस्ट्रिक्ट एआई नेक्सस मॉडल को मंगलवार को भारतीय शोधकर्ता एवं […]
जिनेवा। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) गवर्नेंस पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र के दो दिवसीय ग्लोबल डायलॉग में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इस उच्च स्तरीय वैश्विक बैठक […]
चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ के जन्मदिनांक ७ जुलाई के अवसर पर विशेष ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• हिन्दी-साहित्य की बहुसंख्य छात्र-छात्राएँ और अध्यापक-अध्यापिकाओँ को चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ के विषय मे इतना ही बोध है कि उन्होँने […]
आयोजक, व्याकरणवेत्ता एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने बताया– आजके साहित्यकारोँ और शिक्षकोँ मे से बहुत कम को जानकारी होगी कि चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ इलाहाबाद विश्वविद्यालय मे बी० ए० की प्रवेश-परीक्षा मे सर्वाधिक अंक […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– सूर्य की प्रथम किरण हिमालय की पर्वत-श्रृंखलाओं को स्वर्णिम आभा से आलोकित कर रही थी। पहाड़ों के बीच स्थित एक छोटा-सा गाँव शिवपुर अपनी सहज सरलता और प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए […]
आदित्य त्रिपाठी (सहा० अध्यापक, प्रा० वि० प्रतापपुर, कोथावाँ)– अनिल और राज नगवा गाँव की मिट्टी में एक साथ ही घिसलकर बड़े हुए थे। दोनो मे गहरी दोस्ती थी। बचपन से एक ही थाली में खाते […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव सभ्यता के विकास के साथ धर्म ने अनेक रूप धारण किए हैं। समय, समाज, परंपराओं और विभिन्न मान्यताओं ने धर्म की व्याख्याओं को विस्तृत भी किया और कई बार जटिल […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– चित्रकूट में समय धीरे-धीरे बीत रहा था। अब वन के ऋषियों ने यह अनुभव करना प्रारम्भ कर दिया था कि श्रीराम के साथ केवल एक राजकुमार और एक राजकुलवधू नहीं आई […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वन का विस्तार जितना सुंदर था, उतना ही भयावह भी। एक दिन प्रातःकाल सीता आश्रम से कुछ दूर वनौषधियाँ एकत्र करने निकलीं। उनके साथ कुछ ऋषि-पत्नियाँ भी थीं। मार्ग में उन्हें […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वन की वह संध्या अत्यन्त विलक्षण थी। आकाश पर धूसर मेघों की पतली परतें तैर रही थीं। सूर्य अस्ताचल की ओर झुक रहा था, पर उसकी लालिमा मानो धरती के हृदय […]
सोनू गुप्ता (लेखक एक दृष्टिबाधित युवक हैं)– (यह लेख एक दृष्टिबाधित युवा के उन निजी अनुभवों और खामोश जद्दोजहद पर आधारित है, जिसे अक्सर उत्सव की चमक-धमक में भुला दिया जाता है ।शादी का घर […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव-– संध्या उतर रही थी। सूर्य धीरे-धीरे पश्चिम के पर्वतों के पीछे विलीन हो रहा था। आकाश में लालिमा थी, पर वह लालिमा भी जैसे विरह का रंग धारण कर चुकी थी। […]
शिखा यादव– पानी तो बिक रहा है, पवन बिक न जाए;धरती भी बिक रही है, गगन बिक न जाए।अन्तरिक्ष मे भी निगाहेँ हैँ सबकी लगीँ;डर है, सूरज की तपन बिक न जाए।स्वार्थनीति चलते, कोई जगह […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मनुष्य के जीवन की सबसे सूक्ष्म और गहन भूल यह नहीं है कि वह संसार को पर्याप्त रूप से नहीं जानता, बल्कि यह है कि वह स्वयं को जाने बिना ही […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– सुमन्त्र मौन थे। उनके हाथों में रथ की लगाम थी, पर मन की लगाम छूट चुकी थी। उनके सामने बैठी जनकनन्दिनी अब केवल महारानी नहीं रह गई थीं। ऐसा प्रतीत होता […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– न हमें कोई समझा, न समझा भावनाएँ,भरी-पूरी दुनिया में हम हैं अकेले।कहने को रिश्ते अनेकों यहाँ हैं,जिधर देखता हूँ उधर दिखते मेले।हर तरफ ताकते-झाँकते लोग दिखते,जहाँ देखो दिखते यहाँ पर झमेले।न […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव जीवन केवल जन्म, भरण-पोषण, उपलब्धियों और भौतिक सफलताओं की यात्रा नहीं है। इसकी वास्तविक सार्थकता उस चेतना में निहित है, जो हमें स्वयं से आगे बढ़कर दूसरों के सुख-दुःख, अधिकारों, […]
नई दिल्ली, जून 2026: केटू इंफ्रा लिमिटेड को तेलंगाना सरकार से करीब ₹390.91 करोड़ की सड़क परियोजना की जिम्मेदारी मिली है। इसके तहत तेलंगाना रूरल रोड्स डेवलपमेंट प्रोग्राम के हाइब्रिड एन्युटी मोड (एचएएम) फेज-1 के […]
प्रयागराज। पिछले पाँच दिनो से देश और देश से बाहर के भाषा-व्याकरण तथा साहित्य के विशेषज्ञोँ ने लगातार छात्र-छात्राओँ का हर स्तर पर परीक्षा-विषयक मार्गदर्शन करते रहे। २३ जून को मौखिक परीक्षण-कर्मशाला का अन्तिम दिन […]
प्रयागराज। २२ जून को ‘हिन्दी-संसार’ नामक शैक्षणिक संस्था के सभाकक्ष मे भाषा-व्याकरण तथा साहित्य-मर्मज्ञोँ ने हिन्दीसाहित्य-अध्यापन और प्राध्यापन-हेतु साक्षात्कार-परीक्षा की गहन तैयारी के लिए व्याकरणवेत्ता एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की अध्यक्षता मे आयोजित […]
प्रयागराज। ‘हिन्दी-संसार’ की ओर से २१ जून को आयोजित हिन्दी-अध्यापन-परीक्षा के लिए एक उपयोगी कर्मशाला का आयोजन किया गया, जिसमे प्रयागराज और बाहर के विषय-विशेषज्ञोँ ने विद्यार्थियोँ का सम्यक् मार्गदर्शन किया। विद्यार्थियोँ को साहित्य की […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– सुमन्त्र मौन थे। वन की निस्तब्धता और भी गहन होती जा रही थी। वृक्षों की छाया मानो स्वयं इस संवाद को सुनने के लिए ठहर गई थी। मंद पवन बह रही […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात्रि अपने पूर्ण विस्तार पर थी। आकाश तारों से भरा हुआ था। ऐसा प्रतीत होता था मानो अनन्त ब्रह्माण्ड अपनी असंख्य आँखों से पृथ्वी की ओर देख रहा हो। राम निद्रा […]
शैक्षणिक संस्था ‘हिन्दी-संसार’ के सभागार मे देश के अनेक हिस्सोँ से आये शताधिक हिन्दी-साहित्य के विद्यार्थियोँ का नगर और बाहर के शिक्षाविदोँ और भाषाविज्ञानी ने उनका समुचित मार्गदर्शन किया। पाँच दिनो तक चलनेवाले समारोह के […]
प्रयागराज। शैक्षणिक संस्था ‘हिन्दी-संसार’ की ओर से आयोजित पंचदिवसीय सारस्वत समारोह का उद्घाटन १९ जून को सलोरी, (ईश्वरशरण बालिका विद्यालय के पीछे, पानी की टंकी के पास), प्रयागराज-स्थित संस्था के सभागार मे पूर्वाह्न ११ बजे […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– सुमन्त्र का रथ दृष्टि से ओझल हो चुका था। वन की निस्तब्धता में अब केवल पत्तों की हल्की सरसराहट थी। किन्तु उस निस्तब्धता के भीतर भी सीता के हृदय में असंख्य […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– आर्य सुमन्त्र मौन थे। उनके पास शब्द थे, पर वे शब्द जैसे अपने अर्थ खो चुके थे। वे सीता के मुखमण्डल को देख रहे थे—वह मुख, जो राजमहलों की सुख-संपन्नता में […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– अयोध्या से दूर वन के उस निर्जन प्रदेश में जीवन धीरे-धीरे अपनी नई गति ग्रहण कर रहा था, किन्तु स्मृतियाँ अभी भी पीछे नहीं छूटी थीं। वे कभी शीतल पवन की […]
प्रयागराज। आगामी १९ से २३ जून तक प्रयागराज मे देश के प्रख्यात भाषा-व्याकरणविशेषज्ञोँ, साहित्य-मर्मज्ञोँ तथा समालोचकोँ का सारस्वत समागम होगा, जिसका आयोजन शैक्षणिक संस्था ‘हिन्दी-संसार’, सलोरी, प्रयागराज के सभागार मे होगा। इसमे विशेष रूप से […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वन की ओर बढ़ते रथ के पहिए केवल धूल नहीं उड़ा रहे थे, वे इतिहास की दिशा बदल रहे थे। अयोध्या पीछे छूट रही थी और सामने था अनिश्चितताओं से भरा […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वन की ओर जाने वाले उस मार्ग पर सूर्य अस्ताचल की ओर झुक रहा था। रथ के पहियों से उठती धूल मानो अयोध्या की स्मृतियों को अपने साथ लिए चली जा […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– रात्रि उतर आई थी। आकाश में असंख्य तारिकाएँ जगमगा रही थीं। मंदाकिनी का जल अब चाँदी-सा चमक रहा था। दूर कहीं किसी पक्षी की करुण पुकार सुनाई दी और फिर समूचा […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– अयोध्या नगरी उत्सवों से सजी रहती थी। महाराज दशरथ के राज्य में प्रजा सुखी थी। चारों राजकुमार राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न राज्य का प्राण थे। उनमें भी श्रीराम सबसे प्रिय […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मानव जीवन भावनाओं, इच्छाओं, संबंधों और अनुभवों का अद्भुत संगम है। मनुष्य जन्म लेते ही किसी न किसी प्रकार के लगाव से जुड़ना प्रारम्भ कर देता है। पहले माता-पिता से, फिर […]
गोरखपुर : रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर ने हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 100 सफल बायपास सर्जरी (CABG) पूरी कर ली हैं। यह उपलब्धि अस्पताल की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी […]
—- Dr. Raghavendra Kumar Raghav Every year, World Environment Day is celebrated with great enthusiasm. Government departments, educational institutions, social organizations, and environmental groups organize plantation drives, awareness campaigns, and public events. Newspapers publish photographs […]
प्रयागराज। पिछले दिनो टी० जी० टी०-परीक्षा के हिन्दी-साहित्य के प्रश्नपत्र मे सम्बन्धित प्राश्निक (प्रश्नपत्र तैयार करनेवाला) ने बड़ी संख्या मे व्याकरण-स्तर पर तरह-तरह की अशुद्धि की है। प्रश्नपत्र तैयार करनेवाले को विरामचिह्नो का बिलकुल बोध […]
विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, समाचार पत्रों में रंगीन तस्वीरें प्रकाशित होती हैं और […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• अन्तत:, तमाम लीपा-पोती और ना-नुकुर के बाद जब विद्यार्थियोँ और अभिभावकोँ ने अखण्डनीय प्रमाण सार्वजनिक किये तब सी० बी० एस० ई० और शिक्षामन्त्रालय को मानना पड़ा है कि सी० बी० […]
वो अपना, अपना ही रहा, सब हार गई …..थी पराई वो, किससे कहती कितना कहती,अब अपनों से कैसे लड़ाई हो। अरमान संजोकर स्वप्नलोक के,हर रीत थी वहां निभाई तो,टुकड़ो को जोड़ती रही सदा,पर दी न […]
मैं दक्षिणी दिल्ली में रहता हूँ। देश की राजधानी दिल्ली के सबसे पॉश माने जाने वाले इसी ‘दक्षिणी दिल्ली’ में इस हफ्ते दो बड़ी दुर्घटनाएं घटी। पहली साकेत में एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर ढह […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक बात समझ मे नहीँ आती– जब यह बात साफ़ हो चुकी है और जिसे सी० बी० एस० ई० के अधिकारी और केन्द्रीय शिक्षामन्त्री धर्मेन्द्र प्रधान मान चुके हैँ कि […]
प्रयागराज। गत दिवस ‘वैचारिकी’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे हिन्दुस्तानी ऐकडेमी, प्रयागराज के सभागार मे पुस्तक-लोकार्पण और सम्मान-समारोह का आयोजन किया गया। दो चरणो मे आयोजित समारोह के अन्तर्गत सबसे पहले नगर के चर्चित कवि शिवराम […]
-‘ब्रेक अप विद सुट्टा’ अभियान ने देशभर में ‘चाय-सुट्टा’ की आदत को दी चुनौती-इस अभियान से जुड़कर हजारों लोगों ने स्वेच्छा से सिगरेट छोड़ने का लिया संकल्प नई दिल्ली, 31 मई 2026: भारत में लाखों […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इन दिनो भारत के विद्यालय-स्तरीय प्रमुख बोर्ड ‘केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद्’ (सी० बी० एस० ई० : सेण्ट्रल बोर्ड ऑव़ सेकण्डरी एजुकेशन), जिसकी स्थापना १९२९ ई० मे की गयी थी, की […]
‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे हिन्दीपत्रकारिता-दिवस की पूर्व-संध्या मे एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन सारस्वत सदन, आलोपीबाग़, प्रयागराज से किया गया, जिसमे देश के अनेक वर्ग के प्रबुद्धजन ने सहभागिता की थी। मध्यप्रदेश […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• हमारे विद्यार्थियोँ, अभिभावकोँ और माता-पिताओँ ने जो सोचा नहीँ था और न ही उनकी कल्पना मे बात समा सकती थी, उसे आज देश देख रहा है। देश का शिक्षा-स्तर वैसे […]
प्रयागराज। पं० जवाहरलाल नेहरू एक ऐसा व्यक्तित्व था, जिसमे राजनीति, क्रान्ति, इतिहास, भूगोल, विज्ञान एवं सार्वकालिक विषयोँ का ज्ञान भरा हुआ था। उन्होँने अभाव देखा और अनुभव किया था तथा सभाव को भी जिया था। […]
लखनऊ : Prathmadhikar Sewa Sanstha द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से नि:शुल्क सेल्स प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व Pooja Srivastava कर रही हैं। कार्यक्रम […]
गुरुग्राम, 25 मई 2026: देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और कोर इंजीनियरिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी K2 Infragen Ltd. को राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPN) से कुल 56.91 करोड़ रुपये के दो बड़े प्रोजेक्ट मिले […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• पाप का ख़ज़ाना भरता रहा; कोई मरे-कोई जिये, फ़र्क़ नहीँ पड़ता; बेहयाई ने गैंडे की खाल बना दिया; सब कुछ बेअसर। सत्ता का नशा भी ग़ज़ब का होता है– कुर्सी […]
विद्यार्थी विज्ञान मंथन 2026-27 की राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन पायनियर मांटेसरी इण्टर कालेज,एल्डिको लखनऊ में किया गया। जिसमें राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) की विवरणिका एवं पोस्टर का […]
– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उनकी बातोँ मे मत आइए साहिब!उनके घातोँ मे मत आइए साहिब !हर गोट के मिज़ाज से वाक़िफ़ हैँ वे,भूलकर भी धोखा मत खाइए साहिब!ख़ैरात भी माँगेँ तो मत दीजिए कभी,उन्हेँ […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• जब हम अतीत मे परीक्षाओँ के प्रश्नपत्र-घोटालोँ की तस्वीर देखते हैँ तब पाते हैँ कि हमारी छात्र-छात्राओँ के भविष्य के साथ खेलवाड़ कर, उनकी मानसिक शान्ति का अपहरण करनेवाले दरिन्दे […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• जब हमे अपने देश मे किसी प्रकार की परीक्षा के प्रश्नपत्र को सम्बन्धित परीक्षा कराये जाने से पूर्व प्रश्नपत्र के लीक कराने की सूचना प्राप्त होती है तब सड़ी-गली व्यवस्था […]
नीट-घोटाला– एक ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इन दिनो जिस परीक्षा की सर्वाधिक चर्चा की जा रही है, वह ‘नीट’ है, जिसे एन० ई० ई० टी०/रा० पा० प्र० प० (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश-परीक्षा; N.E.E.T. = […]
हरदोई। तहसील संडीला क्षेत्र के ग्राम सरसंड, पोस्ट सुभान खेड़ा के ग्रामीणों ने ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा उपजिलाधिकारी […]
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का आज (१९ मई) निधन-दिनांक है। प्रयागराज। उन दिनो इलाहाबाद विश्वविद्यालय का हिन्दी-विभाग सारस्वत सम्पदा से परिपूर्ण था, तब अधिकतर अध्यापक अपने मूल कर्त्तव्य के प्रति निष्ठावान और योग्य होते थे। […]
प्रतीक्षा कहूँ…या कहूँ प्रतीक्षाएँ,अनवरत जीवनपर्यंत। प्रतीक्षा एक मुकाम की,प्रतीक्षा सम्मान की,निज आन के अभिमान की,निर्णयों की स्वतंत्रता की,प्रिय के मान की। उन्मुक्त गगन में उड़ान की,हाँ, है कुछ,मुझमें इप्सित,प्रतीक्षित,बहु प्रतीक्षित……… प्रतीक्षा है उस सुबह की,जब […]
है कठिन पथरीली डगर तो क्या?है सामने उलझा भँवर तो क्या?इन कंटकों का सामना डटकर करेंगे।जिंदगी का सामना हँसकर करेंगे। हैं ख्वाब कुछ छूटे अधूरे से,भय के हैं बादल भी घनेरे से,इन बादलों को भेदकर […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– In a time long forgotten, there existed a land where the seeds of righteousness were sown deep within the hearts of its people. Religion flourished and its guiding principles of compassion, […]
No one in this world could ever take a mother’s place.No blessing shines more brightly than her love and grace.She may appear so weak at times, exhausted by life’s pain.Yet for her children she becomes […]
हमेशा चहकती और खिलखिलाती रहने वाली श्रुति न जाने क्यों कुछ दिनों से खामोश थी। परिधि के लिए उसका ये रूप नितांत अपरिचित सा था। उसने कई बार पूछने की कोशिश भी की, लेकिन कोई […]
प्रयागराज। आज लेखन और पठन-स्तर पर हिन्दीभाषा की जिस स्तर पर दुर्गति की जा रही है, उसके प्रति देश के विद्वज्जन की न तो कोई चिन्तन है और न ही चिन्ता। इस कारण आज हिन्दी […]
सोलह श्रृंगार से परिपूर्ण लाल जोड़े में सजी अक्षिता आज विवाह के उपरांत दूसरी बार इस चौखट के आगे थी। भीड़ आज भी कम नहीं थी,पर वातावरण की ये निस्तब्धता कोलाहल से भरे रहने वाले […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मर्यादा की रेखा मे ही, जग का सारा मान प्रिये।सूरज, चन्दा, नवग्रह रखते इस मर्यादा का भान प्रिये।सागर क्षुब्ध मगर सीमा मे, सीमा मे ही वायु बहे।जिस दिन ये मर्यादा टूटी, […]