डॉक्टर बनने का था सपना; लेकिन ‘सिस्टम’ ने छीन ली ज़िन्दगी?
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• पाप का ख़ज़ाना भरता रहा; कोई मरे-कोई जिये, फ़र्क़ नहीँ पड़ता; बेहयाई ने गैंडे की खाल बना दिया; सब कुछ बेअसर। सत्ता का नशा भी ग़ज़ब का होता है– कुर्सी […]