संसार की शांति, स्थिरता व समृद्धि की दिशा में बढ़ रहे भारत और चीन

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने चीन के राष्‍ट्रपति षी चिनफिंग के साथ शिष्‍टमंडल स्‍तर की वार्ता के दौरान चीन और भारत के सदियों पुराने संबंधों की सराहना की है। श्री मोदी ने चीन के राष्‍ट्रपति से कहा कि दोनों देशों के लोगों और विश्‍व के कल्‍याण के लिए मिलकर काम करने के लिए उनके पास यह एक महत्‍वपूर्ण अवसर है।

संसार की शांति, स्थिरता व समृद्धि की दिशा में भारत और चीन साथ चल रहे हैं। मैं उसमें पांच बहुत पॉजिटिव एलि‍मेन्‍ट देता हूं। हमारे देश की सोच, हमारे बीच का सम्‍पर्क, हमारे बीच का सहयोग, हमारे बीच के समान संकल्‍प, हमारे बीच के समान सपने ये पांच एलि‍मेन्‍ट ऐसे हैं- सोच, सम्‍पर्क, सहयोग, सपने, संकल्‍प- विश्‍व शांति, विश्‍व स्थिरता, विश्‍व समृद्धि इसकी ताकत बन सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और चीन की यह जिम्‍मेदारी है कि वे विश्‍व की 40 प्रतिशत जनसंख्‍या के लिए काम करें। श्री मोदी चीन के राष्‍ट्रपति के साथ दो दिवसीय अनौपचारिक वार्ता के लिए आज सुबह वुहान पहुंचे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की शिखर वार्ता की दोनों देशों के बीच एक परिपाटी बननी चाहिए। श्री मोदी ने अगली अनौपचारिक शिखर वार्ता 2019 में भारत में आयोजित करने की पेशकश की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दो हजार वर्षो के इतिहास में भारत और चीन ने साथ मिलकर विश्‍व अर्थव्‍यवस्‍था को गति तथा मजबूती प्रदान की है और करीब सोलह सौ वर्षो तक दोनों देशों का विश्‍व व्‍यापार में दबदबा रहा। हम दो देशों की अर्थव्‍यवस्‍था को दो हजार में से 16 सौ वर्ष तक करीब-करीब 50 प्रतिशत हिस्‍सा हम दोनों का था और बाकि 50 प्रतिशत में सारी दुनिया सिमटी हुई थी। ये बहुत बड़ी बात है। इस मौके पर श्री चिनफिंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच हाल के वर्षो में गहरी भागीदारी स्‍थापित हुई है और सकारात्‍मक प्रगति की है। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और चीन के राष्‍ट्रपति षी चिनफिंग के बीच सीधी बातचीत में आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। पिछली बार जुलाई में जब हम मिले थे और हमारे बीच अनौपचारिक बातचीत का विषय डेवलप हुआ और आज आपने इस अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए निमंत्रण दिया और एक शानदार वातावरण बनाया, बहुत ही सकारात्‍मक वातावरण बनाया। और इसमें आपका व्‍यक्तिगत बहुत बड़ा योगदान है और इसको मैं हृदय से बहुत ही रिस्‍पेक्‍ट करता हूं। बाद में दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्‍तर की बातचीत भी हुई।

वुहान की शिखर वार्ता को दोनों देशों के बीच भरोसा बहाली और संबंधों में सुधार के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के लिए चीन के राष्‍ट्रपति षी चिनफिंग ने जिस स्‍थान पर रात्रि‍ भोज का आयोजन किया वहीं कभी अमरीकी राष्‍ट्रपति रिचर्ड निक्‍सन को भी आमंत्रित किया गया था। चीन की आधिकारिक मीडिया ने श्री मोदी और श्री चिनफिंग की मुलाकात को एक अनोखा कूटनीतिक कदम कहा है। प्रतिनिधि स्‍तर की बातचीत के पहले चीन के राष्‍ट्रपति श्री मोदी का स्‍वागत करने के लिए रेड कार्पेट के एक छोर पर इंतजार करते रहे। गाड़ी से उतर कर प्रधानमंत्री मोदी रेड कार्पेट पर बांहें फैला कर आगे बढ़े और उन्‍होंने चिनफिंग के साथ हाथ मिलाया। दोनों नेताओं के बीच हाथ मिलाने की यह प्रक्रिया कई मिनटों तक चली। राष्‍ट्रपति चिनफिंग ने कहा कि वे इस मुलाकात से बहुत खुश हैं और ऐसी मुलाकातों के लिए वसंत का मौसम अच्‍छा होता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने अपने ट्वीट में दोनों नेताओं के बीच बातचीत का ब्‍यौरा देते हुए बताया कि रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आपसी संबंधों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। कल सुबह दोनों नेताओं के बीच फिर से बातचीत होगी।