कछौना(हरदोई): राशन माफियाओं व तेल माफियाओं द्वारा विभागीय अधिकारियों व सत्ता-पक्ष के मजबूत गठजोड़ के चलते खाद्य सुरक्षा अधिनियम की खुले-आम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों की शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया जाता है जिससे ग्रामीण उपभोक्ता आगे शिकायत करने की जहमत नही उठा पाता है।
मिली जानकारी के अनुसार विकास खण्ड कछौना की 41 ग्रामसभाओं में उचित दर विक्रताओं की 56 दुकानें हैं जिसमें कोटेदारों को तेल डिपो से रोस्टर के अनुसार महीने की 20 तारीख तक प्रत्येक उचित दर विक्रेता का उठान हो जाना चाहिए। परन्तु प्रशासन की खाऊ-कमाऊ नीति के चलते अक्टूबर माह में 26 तारीख तक किसी भी कोटेदार ने तेल का वितरण नही किया है। तेल डिपो संचालक का कहना है कि मुझे ऊपर से अभी तक तेल नही मिला है जिसके कारण कोटेदारों को इस माह का तेल नही मिल पाया है। ग्रामीणों में इस माह का तेल नही मिल पाने के कारण काफी आक्रोश है। जिम्मेदार मूकदर्शक बने हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों के गठजोड़ के चलते बड़े पैमाने पर तेल की कालाबाजारी की आशंका है।
रिपोर्ट- पी०डी०