भौतिक सत्ता

September 21, 2024 0

जिंदगी जोंक सीरक्त पान कर रही है।मौत के नगर मेंजिंदगी से खिलवाड़ कर रही है।काले उजले दिन मेंदेश का गणतंत्रसुखे पत्ते की तरहठिठुर कर अस्फुट होशिकायत कर रहा है।भौतिकता का कंकालमहानगर की दहलीज लांघकरविक्षुब्ध कर […]