मैं कर सकता हूँ
राघवेन्द्र कुमार राघव– जीवन चाहे जितनी भी परीक्षाएँ ले,कितने ही कठिन मोड़ क्यों न आएँ,बस एक दीप सदैव जलाए रखना—“मैं कर सकता हूँ…मैं आगे बढ़ सकता हूँ…और मेरा विश्वासमुझे वहीं पहुँचाएगाजहाँ मेरी नियति चमकती है।” […]
राघवेन्द्र कुमार राघव– जीवन चाहे जितनी भी परीक्षाएँ ले,कितने ही कठिन मोड़ क्यों न आएँ,बस एक दीप सदैव जलाए रखना—“मैं कर सकता हूँ…मैं आगे बढ़ सकता हूँ…और मेरा विश्वासमुझे वहीं पहुँचाएगाजहाँ मेरी नियति चमकती है।” […]