नियमत: भारत अब भी ग़ुलाम है
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● क्या आपको मालूम है, भारत की स्वतन्त्रता वर्ष २०४६ में समाप्त हो जायेगी?● ‘सत्ता के हस्तान्तरण का समझौता’ के अन्तर्गत भारत को ९९ वर्षों के लिए गोपनीय ढंग से […]
★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● क्या आपको मालूम है, भारत की स्वतन्त्रता वर्ष २०४६ में समाप्त हो जायेगी?● ‘सत्ता के हस्तान्तरण का समझौता’ के अन्तर्गत भारत को ९९ वर्षों के लिए गोपनीय ढंग से […]
काग़ज़ पर देश आज़ाद है; परन्तु यथार्थ के धरातल पर अब भी ग़ुलाम दिख रही है। ऐसा इसलिए कि वर्तमान में संवैधानिक संस्थाएँ-सहित समस्त आर्थिक उपक्रम सरकार की स्वेच्छाचारिता के शिकार हो रहे हैं, फलस्वरूप […]