सेवारत हड़ताली डॉक्टरों से सख्ती से निपटने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है । मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्द राजोंग और डी.सी. सोमानी की अध्यक्षता वाली राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ने राज्य सरकार को राजस्थान आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम-1970 के तहत हड़ताली डॉक्टरों को हिरासत में लेने की अनुमति दे दी है । एक जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय ने यह आदेश दिया । इस याचिका में मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया था कि निजी अस्पतालों के भी हड़ताली डॉक्टरों के महाबंद में शामिल करने के आह्वान को देखते हुए इस मामले पर अविलम्ब विचार करें ।
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