बुनकरों की बेहतरी के लिए आदित्यनाथ योगी ने उठाए कई ज़रूरी कदम : सत्यदेव पचौरी

प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री श्री सत्यदेव पचौरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में हथकरघा उद्योग रोजगार का सबसे सशक्त माध्यम रहा है। यहां के हस्तशिल्प उत्पाद देश-विदेश में विख्यात है। लेकिन विगत कई वर्षों से इस क्षेत्र की उपेक्षा की गई। इसी का परिणाम है कि ग्रामीण अंचलों से पलायन शुरू हुआ और बुनकारी और हस्त कारीगरी में प्रदेश पिछड़ता गया। तमाम छोटे-बड़े उद्यम बंद हो गए और बुनकर एवं हस्तशिल्पी देश के विभिन्न शहरों में काम करने को मजबूर होते गये ।

वस्त्रोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि बुनकरों की बेहतरी और हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग के विकास के लिए आदित्यनाथ योगी ने प्रदेश की बागडोर सम्भालते ही कई ठोस कदम उठाये। एक ओर बजट में भारी वृद्धि की गई तो दूसरी ओर हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार योजना भी शुरू की। अब तक 345 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च करके इस क्षेत्र को पुनर्जीवित किये जाने का कार्य किया जा रहा है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में मात्र 49 करोड़ 82 लाख रुपये ही हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग सेक्टर को आवंटित किये गये थे।

वस्त्रोद्योग मंत्री ने बताया कि जनपद आजमगढ़ के कस्बा मुबारकपुर में हथकरघा बुनकरों को स्थानीय स्तर पर मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 158 दुकानों से युक्त विपणन के केंद्रों की स्थापना कराई गई। राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के तहत 42 हथकरघा बुनकरों को पुरस्कृत किया गया। महात्मा गांधी हथकरघा बुनकर बीमा योजनान्तर्गत अभी तक 1474 दावों का निस्तारण कराकर 08 करोड़ 84 लाख रुपये बुनकरों के आश्रितों को उपलब्ध कराया गया।