प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुमराह युवाओं से कहा है कि वे हिंसा छोड़कर राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल हों। आज श्रीनगर में एक समारोह को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि शांति और स्थिरता का कोई विकल्प नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भटके हुए युवाओं द्वारा उठाया गया हरेक पत्थर या हथियार जम्मू-कश्मीर को अस्थिरता की ओर ले जाता है।
भटके हुए नौजवानों द्वारा उठाया गया, हर पत्थर, हर हथियार उनके अपने जम्मू कश्मीर को अस्थिर करता है। राज्य को अस्थिरता के इस माहौल के बाहर निकलना ही होगा। इसलिए भविष्य के लिए अपनी आने वाली पीढ़ियों को उन्हें सिर्फ कश्मीर ही नहीं भारत के विकास की मुख्यधारा से जुड़ना होगा। श्री मोदी ने तीन सौ तीस मेगावॉट क्षमता की किशनगंगा बिजली परियोजना राष्ट्र को समर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के प्रत्येक परिवार के लिए बिजली सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है।
प्रधानमंत्री ने श्रीनगर रिंग रोड के निर्माण की आधारशिला भी रखी। लेह में श्री मोदी ने ज़ोजिला सुरंग के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इससे लद्दाख के साथ हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित किया जा सकेगा। चौदह किलोमीटर लंबी ज़ोजिला सुरंग देश की सबसे बड़ी भूमिगत सड़क होगी। इससे ज़ोजिला दर्रा पार करने में मात्र 15 मिनट लगेंगे। फिलहाल इसमें साढ़े तीन घंटे लगते हैं। प्रधानमंत्री 19वें कुशोक बाकुला रिंपोचे की जन्मशती के समापन समारोह में भी शामिल हुए। जम्मू में प्रधानमंत्री ने एक हजार मेगावॉट क्षमता की पनबिजली परियोजना के निर्माण की आधारशिला रखी। पकलदुल पन बिजली परियोजना किश्तवाड़ जिले में चेनाब की एक सहायक नदी पर बनायी जा रही है। श्री मोदी ने जम्मू में भी रिंग रोड परियोजना की आधारशिला रखी। श्री मोदी ने वैष्णो देवी तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए ताराकोट मार्ग और मेटिरियल रोपवे का भी उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू में शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे नवाचार और आधुनिक टेक्नोलोजी के जरिए कृषि क्षेत्र में क्रांति लाएं। आप लोगों को अब ऐसे मॉडल विकसित करने के बारे में भी सोचना होगा जो स्थानीय जरूरतों के साथ-साथ फ्युचरस्टिक टैक्नोलॉजी फ्रेंडली भी हो। एग्रीकल्चर सेक्टर में नए स्टॉर्टअप कैसे आए। नए इनोवेशन कैसे आए। इस पर हमारा ध्यान केंद्रीत होना चाहिए। स्थानीय किसानों को भी तकनीक से जोड़ने के लिए आपके प्रयास निरंतर होते रहने चाहिए। इस अवसर पर राज्यपाल एन. एन. वोहरा, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह भी मौजूद थे।