आचार्य पृथ्वीनाथ पाण्डेय के प्रति रविनन्दन सिंह की की गयी आपत्तिजनक टिप्पणी का उत्तर
‘हिन्दुस्तानी एकेडेमी’ को अपनी जागीर समझनेवाला निरीह जीव रविनन्दन सिंह की चरित्रगाथा सुनिए! रविनन्दन सिंह की भाषाशैली बहुत अलग हटकर है। लगता नहीं कि अपने विद्यार्थीजीवन में मेरी किताबें पढ़कर अपना भविष्य उन्नत बनानेवाला रविनन्दन […]