चौराहे पर खड़ी जवानी

October 30, 2018 0

जग का दुःख है रोया हमने, अपना  दुखड़ा  भूल  गये। उस पथ के पथराही हैं हम; जिस पथ में नित शूल नये। सारा सावन आँखों में ही, रुक कर मानो सूख गया। इतने  पर भी […]