भोजपुरिया माटी-भाषा-थाती में गहरे तक पैठे वीर कुँवर सिंह का पुण्यस्मरण
डॉ● निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार/व्याख्याता) : ——————— हड्डी ठोस, पेसानी दमकत, पुष्ट वृषभ-कंधा बा अस्सी के बा उमर भईल, का कहे बूढ़? अंधा बा सिंह चलन, रवि जलत नयन, जुग सुगठित चंड भुजा बा अईसन डोलेला […]