जिनेवा। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) गवर्नेंस पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र के दो दिवसीय ग्लोबल डायलॉग में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इस उच्च स्तरीय वैश्विक बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का उत्तरदायी, सुरक्षित और जन-केंद्रित दृष्टिकोण मजबूती से प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में विदेश राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि एआई का विकास और वैश्विक प्रशासन मजबूत बुनियादी सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा भारत का दृढ़ विश्वास है कि जिम्मेदार एआई गवर्नेंस के लिए मानवीय निगरानी बनाए रखना, मानवाधिकारों का सम्मान करना और इसके दुरुपयोग को रोकना अनिवार्य है।
विदेश राज्य मंत्री ने जोर दिया कि ये सिद्धांत यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं कि एआई प्रणालियां सीमाओं के पार नैतिक, सुरक्षित और सभी के लिए फायदेमंद तरीके से काम करें।
अपने संबोधन की जानकारी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए सिंह ने लिखा इस बात पर जोर दिया कि एआई गवर्नेंस इंसानों पर केंद्रित, समावेशी और भरोसे पर आधारित होनी चाहिए, जिसमें इंसानों की सार्थक निगरानी और मानवाधिकारों का सम्मान हो। हमें क्षमता की कमियों को भी दूर करना होगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ‘ग्लोबल साउथ’ एआई के भविष्य को आकार देने में सार्थक रूप से भाग ले सके। भारत ऐसे एआई भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है जो सुरक्षित, भरोसेमंद और समावेशी हो।
राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत का एआई विजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मानव’ सिद्धांतों पर आधारित है, जिसे इसी साल नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने ‘एमएएनएवी’ के पांचों स्तंभों- नैतिक व्यवस्था, जवाबदेह शासन, राष्ट्रीय संप्रभुता, सुलभ एवं समावेशी ढांचा और कानूनी रूप से मान्य एवं सत्यापित एआई को भी स्पष्ट किया।
उन्होंने ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) का पक्ष लेते हुए कहा कि आज मौजूद क्षमता अंतराल को पहले खत्म करना होगा, ताकि तकनीक के इस युग में कोई भी देश पीछे न छूटे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अभी सही वैश्विक नीतियां नहीं बनीं, तो एआई असमानताओं को और गहरा कर सकता है। जिनेवा स्थित यूएन में भारतीय के स्थायी मिशन ने एक्स पर लिखा इस दौरान माननीय राज्य मंत्री ने ‘भारत से जिनेवा- बड़े पैमाने पर एआई के असर पर एक ग्लोबल सम्मेलन’ नामक एक साइड-इवेंट में भी मुख्य भाषण दिया। इसका आयोजन भारतीय मिशन ने ग्लोबल इनोवेशन स्क्वायर के साथ मिलकर किया। राज्य मंत्री ने जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित एआई के भारत के विजन को दोहराया और इस बात पर जोर दिया कि इसके फायदे समाज के हर वर्ग तक पहुंचने चाहिए।
(रिपोर्ट– शाश्वत तिवारी)