अब न मीरा भजन गाती है
अब रची जाती है घर-घर महाभारत;राजसभाओं से विदुर रहते नदारत।क्यों कोई द्रुपदात्मजा हरि-पथ निहारे;अब न रहती है वो पतियों के सहारे।अब न केवल फनफनाती है;कोर्ट में नंगा नचाती है। अब न मीरा भजन गाती है। […]
अब रची जाती है घर-घर महाभारत;राजसभाओं से विदुर रहते नदारत।क्यों कोई द्रुपदात्मजा हरि-पथ निहारे;अब न रहती है वो पतियों के सहारे।अब न केवल फनफनाती है;कोर्ट में नंगा नचाती है। अब न मीरा भजन गाती है। […]