आज़ादी के बाद भी ‘आज़ादी’ का अर्थ पूछती जनता

August 17, 2020 0

काग़ज़ पर देश आज़ाद है; परन्तु यथार्थ के धरातल पर अब भी ग़ुलाम दिख रही है। ऐसा इसलिए कि वर्तमान में संवैधानिक संस्थाएँ-सहित समस्त आर्थिक उपक्रम सरकार की स्वेच्छाचारिता के शिकार हो रहे हैं, फलस्वरूप […]