‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में जानें शब्दों का शुद्ध रूप

July 8, 2019 0

“लम्हों ने ख़ता की, सदियों ने सज़ा पायी” शताब्दियों से हमारे अधिकतर विद्वज्जन, शिक्षकवर्ग लेखकगण तथा विद्यार्थीवृन्द उच्चारण और लेखनगत अनुशासन की अवहेलना करते आ रहे हैं, जो कि सर्वथा अनुचित है; कारण कि अधिकतर […]