आइए! सत्य-संधान करें

June 13, 2022 0

— आचार्य पंडित पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्राय: सत्य स्वयं में नितान्त कटु होता है। इसका आयाम बृहद् है— कहीं मृदु अनुभव होता है और कहीं कठोर। यहीं पर सत्य की प्रियता-अप्रियता की, यापित काल-खण्डों में गहन […]