ये नेह-नेह के धागे
राज चौहान (नव कवि)- ये नेह-नेह के धागे, यारा तुमसे न टूटेंगे। हम साथ रहें, ना रहें, न रूठे हैं न रूठेंगे।। हर वक्त रहा है साथ तेरा, हर वक्त पे तुझको पाया है। कैसे […]
राज चौहान (नव कवि)- ये नेह-नेह के धागे, यारा तुमसे न टूटेंगे। हम साथ रहें, ना रहें, न रूठे हैं न रूठेंगे।। हर वक्त रहा है साथ तेरा, हर वक्त पे तुझको पाया है। कैसे […]