प्रदेश सरकार ने पेश किया बज़ट

सुरेश खन्ना – वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट वित्त मंत्री ने पेश करना किया शुरू ।

2020 पूरे विश्व के लिए चुनौती पूर्ण रहा ।

प्रदेश का चिकित्सा तंत्र के साथ साथ पुलिस विभाग ने भी बड़े स्तर पर काम किया
कोरोना काल में ऐतिहासिक काम हुआ
54 लाख को भरण पोषण भत्ता दिया
29.58 करोड़ मानवदिवस मनरेगा में सृजित किए
40 लाख प्रवासी श्रमिकों को रोडवेज ने अपने घरों को भेजा
बेकार पड़ी सरकारी संपत्तियों पर निजी क्षेत्र की मदद से बनेंगे औद्योगिक पार्क
40 लाख प्रवासी श्रमिकों को रोडवेज ने अपने घरों को भेजा

प्रतियोगी छात्रों को फ्री कोचिंग की व्यवस्था की गई

7.02 करोड़ बैंक खाते खुले हैं यूपी में इस साल जनवरी तक

एक हज़ार करोड़ की अवैध भू सम्पतियों की वसूली

10 लाख 35 हज़ार नए राशन कार्ड बनाये गए

700 करोड़ नहरों के लिए

2 करोड़ 40 लाख किसानों को सम्मान निधि दी गई

600 crores सीएम किसान दुर्घटना बीमा योजना के लिए

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था

400 crores सहकारी समितियों के माध्यम से पहली ऋण के लिए

महिला सामर्थ योजना के लिए 200 करोड़

32 करोड़ रूपए महिला शक्ति केंद्रों के लिए

सीएए के खिलाफ हिंसा के दौरान 23 लाख 36 हजार की रिकवरी की गई। 1 हजार करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्तियों को मुक्त कराया गया। 150 से अधिक शस्त्र लाइंसेंस निरस्त किए गए- वित्त मंत्री सुरेश खन्ना

स्वच्छता मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है।
जल निकासी के लिए 175 करोड रुपए का प्रविधान।

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य के लिए 1107 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई ।

प्रधानमंत्री आवास योजना ( शहरी) के घटक अर्फोडेबल हाऊसिंग इन पार्टनरशिप के अन्तर्गत वर्ष 2018 से वर्ष 2021 तक 4 लाख भवनों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित है जो सूडा द्वारा निर्मित कराये जाने वाले आवासों के अतिरिक्त होंगे।

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश के सभी जनपदों के समस्त थानों में 1535 महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई- वित्त मंत्री सुरेश खन्ना

गन्ना किसानों के 1 लाख 23 हजार करोड़ रुपये के रेकॉर्ड मूल्य का भुगतान कराया गया है। 27 हजार 785 करोड़ रुपये ज्यादा गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया- वित्त मंत्री सुरेश खन्ना

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 600 करोड़ रुपये का बजट आवंटित। प्रदेश में अधिक उत्पादक वाली फसलों को चिन्हित किया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर कृषक उत्पादन संगठनों की स्थापना की जाएगी, इसके लिए 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा के लिए 700 करोड़ रुपये दिया जाएगा। किसानों को रियायती दाम पर लोन दिया जाएगा।