आचार्य पं॰ पृथ्वीनाथ पाण्डेय


ऊपर के दोनों चित्र ‘आज तक’ समाचार-चैनल के हैं। स्टुडियो से एंकर मीनाक्षी ‘लेह’ में पहुँचे अपने संवाददाता मंजीत से प्रश्न-प्रतिप्रश्न कर चीन के विरुद्ध की जा रही-की गयी भारत की सैन्य तैयारी का विवरण सार्वजनिक करा रही है, जो कि राष्ट्रहित में नहीं है। देश की सरकार इसे बढ़ावा क्यों दे रही है?
दूसरी ओर , श्वेता सिंह लद्दाख से सैन्य गतिविधियों की जानकारी दे रही है, जो कि नितान्त आपत्तिजनक है। उसे ऐसी विषम परिस्थिति में लद्दाख में कैसे घुसने दिया गया है? वहाँ कौन सुरक्षाकर्मी था?
आश्चर्य है, भारत के सैन्य अधिकारियों के संज्ञान में यह विषय है, बावुजूद उन्हें कोई आपत्ति नहीं; परन्तु हम देशवासियों को घोर आपत्ति है। हमारी अन्तर्राष्ट्रीय (दो राष्ट्रों के मध्य) सामरिक नीति गुप्त रहनी चाहिए, जबकि उस गोपनीयता के साथ देश के लगभग सभी समाचार-चैनलवाले बलात्कार करते हुए “रँगे हाथों” पकड़े जा रहे हैं। अफ़सोस! ऐसे बलात्कारियों को सज़ा देने के लिए देश में कोई न्यायालय नहीं।
इस स्थिति से न्यूइण्डिया की मोदी-सरकार भी उक्त प्रकार के राष्ट्रघाती कृत्य से अवगत है; किन्तु फ़क़ीर अपनी ‘फ़क़ीरी’ में है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १९ जून, २०२० ईसवी)