ग्राम पंचायतों में स्थित चारागाहों में बाड़ लगवाकर गोचर भूमि विकसित की जाएगी

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों की चारागाह की भूमि को गोचर के क्षेत्र के रुप में विकसित किए जाने के सम्बंध में आवश्यक कार्यवाही किए जाने के लिए प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास श्री, अनुराग श्रीवास्तव ने प्रदेश के सात जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है । मनरेगा योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुरुप होने की स्थिति तक ग्राम पंचायतों में स्थित चारागाहों में बाड़ लगवाकर गोचर भूमि विकसित की जा सकती है अथवा पशु आश्रय बनवाये जा सकते हैं । इस सन्दर्भ का शासनादेश महोबा, बांदा, चित्रकूट, ललितपुर, जालौन, झांसी व हमीरपुर के जिलाधिकारियों को प्रेषित किया जा चुका है।