विकास खण्ड कछौना के बेसिक विद्यालयों को मॉडल के रूप मे स्थापित करने के संबन्ध में बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी पुलकित खरे की अध्यक्षता में किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मॉडल के रूप में होने वाले विद्यालय में भवन की रंगाई पुताई, साफ-सफाई, विद्युत, पेयजल, शौचालय, वृक्षारोपण से आच्छादित हों तथा बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता विशेष हो। उन्होने उपस्थित सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों तथा एच0सी0एल0 फाउण्डेशन के पदाधिकारियों से कहा कि समन्वय बनाकर उन सभी विद्यालयों को चिन्हित किया जाये जिन विद्यालयों में मानक के अनुरूप व्यवस्थायें नहीं है।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकास खण्ड कछौना के विद्यालयों की स्थिति जानने के लिये जिला स्तरीय टीम द्वारा भ्रमण किया जायेगा और विद्यालयों में सभी व्यवस्थायें देखने के साथ-साथ मिड-डे-मील, बच्चों उपस्थिति व उनकी शिक्षा की गुणवत्ता को भी परखा जायेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को भी चिन्हित किया जाये जो किसी भी विद्यालय में पढ़ाई के लिये नही जाते हैं, इसका कारण भी जाना जायेगा और बच्चों को विद्यालय में न भेजने का कारण यदि उनके अभिभावक हैं तो ऐसे बच्चों के माता-पिता के साथ वार्ता कर बच्चों को विद्यालय भेजने के लिये प्रेरित किया जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्य को ग्राम प्रधान, सीडीपीओ, आशा, आंगनबाड़ी, शिक्षक व एचसीएल फाउण्डेशन के लोग मिलजुलकर तेजी से करने का प्रयास करें ताकि शीघ्र ही विकास खण्ड के विद्यालयों को मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सके। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मसीहुज्जमा सिद्द्धीकी सहित सभी एबीएसए, एचसीलएल के योगेश आदि मौजूद रहे।