● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
चुनावी सभा मे तथाकथित ‘स्टार-प्रचारकोँ’ के ‘नंगा नाच’ के लिए निर्वाचन आयोग के अधिकारी पूरी तरह से उत्तरदायी हैँ। अब, जब पाँच चरण के मतदान हो चुके हैँ तब उक्त अधिकारियोँ को आचार संहिता का उल्लंघन होता दिख रहा है। तथाकथित स्टार-प्रचारकोँ ने जिस तरह से खुले आम/डंके की चोट पर अपने घिनौने चरित्र का चित्रण करते हुए, ‘आचार संहिता’ को गिरा-गिराकर लथेड़ा है, उसके लिए निर्वाचन आयोग के सारे अधिकारी पूरी तरह से उत्तरदायी हैँ, जो ‘गांधी के तीन बन्दर’ बने रहे हैँ।
आज़ादी के बाद से भारत के चुनावी इतिहास मे सत्ता पाने के लिए स्टार प्रचारकोँ-द्वारा जिस स्तर के नीचतापूर्ण और बीभत्समय कृत्य किये जा रहे हैँ, वैसा पहली बार दिख रहा है; धिक्कारने के लिए कोई शब्द नहीँ।
उच्चतम न्यायालय के सम्मान्य न्यायाधीशवृन्द से अनुरोध है कि वे इसका स्वत: संज्ञान कर, कठोर काररवाई करेँ, अन्यथा देश की जनता मतदान के प्रति विमुख होती रहेगी।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय , प्रयागराज; २३ मई, २०२४ ईसवी।)