मनुजत्व से शिवत्व तक की अगली कड़ी : मन्त्र, मूर्ति और महातत्त्व
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव — दार्शनिक चर्चा ने गाँव की चेतना को गहरा किया था, पर अब एक नया प्रश्न उठने लगा— क्या यह समस्त साधना केवल आन्तरिक है, या इसके लिए परम्परागत उपासना की […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव — दार्शनिक चर्चा ने गाँव की चेतना को गहरा किया था, पर अब एक नया प्रश्न उठने लगा— क्या यह समस्त साधना केवल आन्तरिक है, या इसके लिए परम्परागत उपासना की […]
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी राघव–हर पापी को कृत दुष्कर्मो का दण्ड भुगतना होता है।कलुषित विचार रखने वाले को सौ मौतें मरना होता है।शिव ही निर्णय करने वाले शिव ही दण्ड विधाता हैं।शान्ति हेतु इस दुनिया मे […]