कविता : बेटी की अहमियत

September 21, 2018 0

शालू मिश्रा, नोहर (हनुमानगढ) धन की  लालसा मन में जगाते हो, बेटी को पराया धन बोल गर्भ में गिराते हो। कहते है ,के बेटा वंश बढायेगा, यदि बहू न आई आंगन तो किलकारी कौन गूंजायेगा। […]