अपने ही हिंदोस्तान में हिंदी बन गई पराई
क्रांतिप्रिया- ‘देखो बेटा ‘काउ आई। चलो उसे रोटी देंगे। बुलाओ- आजा काउ, आजा काउ। दो साल के छुटके को उसकी मां गाय को रोटी देना सिखा रही थी। बच्चा काउ-काउ करके उसे बुला रहा था, […]
क्रांतिप्रिया- ‘देखो बेटा ‘काउ आई। चलो उसे रोटी देंगे। बुलाओ- आजा काउ, आजा काउ। दो साल के छुटके को उसकी मां गाय को रोटी देना सिखा रही थी। बच्चा काउ-काउ करके उसे बुला रहा था, […]