भारतीय न्यायाधीशगण विचार करें

December 29, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– वास्तव में, ‘समलैंगिकता’ और ‘लिव इन रिलेशनशिप’ एक प्रकार का व्यभिचार है; एक दुष्प्रवृत्ति है; पारस्परिक सहमति के बावजूद वह एक प्रकार का अपराध है, जो अब तक की आपराधिक घटनाओं से […]