नाराज़ हैं मेहरबान मेरे

May 18, 2022 0

 डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ नाराज़ हैं मेहरबाँ मेरे अब आ भी जाओ कि अंजुमन को तेरी दरक़ार है ढूँढता रहा न मिला कोई तेरे जैसा कि महफ़िल तेरे बिना बेक़ार है तेरा लिहाज़ तेरी जुस्तजू […]