कौशांबी के अझुवा में सड़क निर्माण में लगी भ्रष्टाचार की दीमक, ठेकेदार प्रयुक्त कर रहा घटिया निर्माण सामग्री

अझुवा/कौशांबी

सन् 2015 में भी वार्ड नं 2 मे डूडा कालोनी से नहर क्रासिंग तक पुनः चयनित कच्चे मार्ग को डामर रोड बनाने के लिए शासन ने स्वीकृत किया था। इसके लिए 8 लाख 17 हजार रुपये को धनराशि धी गयी । फिर भी सड़क नहीं बनाई गई थी । सड़क अभी तक कच्ची थी। बड़ा सवाल कि नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों मे इंटरलाकिंग और डामर सड़कों के निर्माण में शामिल यह सड़क पूरी परियोजना का कुल 97.30 लाख रुपये चार किश्तों में शासन से मिलने के बावजूद इस सड़क का धन कहां गया?

कागज पर बनी इस डामर सड़क पर पुन: प्रस्ताव स्वीकृत कराकर इसे इंटरलाकिंग सड़क बनाकर पिछले कारनामे को छिपाने का प्रयास तो नहीं ?

नगर पंचायत अझुवा में पिछली सपा सरकार के समय नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों की नौ सड़कों जिनमे से कुछ डामर सड़क और कुछ इंटरलाकिंग सड़कें थी । शासन ने 97.30 लाख रुपये के सापेक्ष फरवरी 2015 मे 19.50 लाख,मई 15 मे 19.50 लाख, मार्च 16 मे 39 लाख और जनवरी 18 मे 19.30 लाख रुपये की पूरी लागत राशि प्रदान कर दी । जिनमे वार्ड नंबर 2 अंबेडकर नगर स्थित डूडा कालोनी से नहर क्रासिंग तक की एक डामर सड़क लागत 8.17 लाख रुपये शामिल थी । लेकिन तत्कालीन जिम्मेदारों ने आज तक इस सड़क को बनाया ही नही और यह अभी तक कच्ची पड़ी थी । ऐसे मे बड़ा सवाल यह है कि शासन से इस सड़क का पूरा धन मिल जाने के बावजूद यह सड़क कागजों पर ही बनाकर भ्रष्टाचार तो नही किया गया क्योंकि पूरे प्रोजेक्ट की अंतिम किश्त का भी भुगतान शासन से ले लिया गया?

दो तीन साल बाद इसी सड़क का पुन: प्रस्ताव कराकर टेंडर के द्वारा इंटरलाकिंग सड़क बनवाई जा रही है । ऐसे मे बिना निर्माण कराए कागजों पर इस सड़क को पुन: बनाकर कहीं जिम्मेदारों द्वारा अपने कारनामों को छिपाने का प्रयास तो नही किया जा रहा?

   इस पूरे प्रोजेक्ट की सभी सड़कों की जांच की जाए तो पता चले कि उनके लिए कितने समय के भीतर कितनी बार सरकारी धन खपाया गया और वर्तमान मे उन सभी सड़कों की क्या स्थिति है?

12 लाख रुपये की लागत से लगभग 250 मीटर की जो इंटरलाकिंग सड़क बनाई जा रही उसमे भी टेंडर प्राप्त ठीकेदार द्वारा घटिया गुणवत्ता की नंबर 2 की ईंटों एवं निर्माण सामग्री से सड़क की साइड बनाई जा रही है। जिसके संदर्भ मे अधिशासी अधिकारी अझुवा से बात की गई तो उन्होने जांच कराए जाने की बात कही है।

       *अरविंद केसरवानी/आकाश केसरवानी          
               *पत्रकार/अझुवा

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