कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

◆ प्रतियोगिता-प्रकोष्ठ

● प्रतियोगिता– एक

★ विषय– ‘प्रथम’

गत मास हमने इस आशय की सूचना सम्प्रेषित की थी कि इस पाठशाला की ओर से निकट भविष्य में एक ‘प्रतियोगिता-शृंखला’ का आयोजन किया जायेगा, जो कि निश्शुल्क रहेगी। वह समय समाप्त हो चुका है।

‘प्रतियोगिता– एक’ के अन्तर्गत सौ शब्दों में विचार-लेखन करना होगा, जिसमें ‘प्रथम’ (लेखन-हेतु विषय) शब्द पर आपको ‘गद्यात्मक लेखन’ ही करना होगा, जो ‘शुद्ध शब्द-प्रयोग’ पर ही आधृत होगा। लेखन में ‘अभारतीय और स्थानिक’ शब्द के प्रयोग वर्जित हैं।

इच्छुक व्यक्ति १ फरवरी, २०२१ ईसवी को मध्याह्न १२ बजे तक यहीं पर अपने विचार टंकित कर भेज सकते हैं, ताकि प्रतियोगिता पारदर्शी रह सके। २ फरवरी, २०२१ ई० को प्रतियोगिता-परिणाम सार्वजनिक कर दिया जायेगा।

सर्वशुद्ध विचारलेखन करनेवाले एक ही सफल प्रतियोगी के सम्पर्क-सूत्र पर सहस्राधिक पृष्ठों से युक्त लिपि, भाषा, व्याकरण, संरचना तथा साहित्य-पक्षों को समृद्ध करती निम्नांकित कृति ‘यूनीक़ सामान्य हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया’ पारितोषिक’ के रूप में सम्प्रेषित की जायेगी। एक से अधिक विजेता होने पर ‘युक्ति’ के द्वारा एक का ही चयन किया जायेगा। उस कृति की छाया-प्रति पर दृष्टिपात किया जा सकता है।