लघुकथा : घुट्टी सब्र की
सोलह श्रृंगार से परिपूर्ण लाल जोड़े में सजी अक्षिता आज विवाह के उपरांत दूसरी बार इस चौखट के आगे थी। भीड़ आज भी कम नहीं थी,पर वातावरण की ये निस्तब्धता कोलाहल से भरे रहने वाले […]
सोलह श्रृंगार से परिपूर्ण लाल जोड़े में सजी अक्षिता आज विवाह के उपरांत दूसरी बार इस चौखट के आगे थी। भीड़ आज भी कम नहीं थी,पर वातावरण की ये निस्तब्धता कोलाहल से भरे रहने वाले […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– मर्यादा की रेखा मे ही, जग का सारा मान प्रिये।सूरज, चन्दा, नवग्रह रखते इस मर्यादा का भान प्रिये।सागर क्षुब्ध मगर सीमा मे, सीमा मे ही वायु बहे।जिस दिन ये मर्यादा टूटी, […]
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– “Knowledge is the Supreme Wealth.” This timeless truth has guided humanity for centuries. Material possessions may fade away with time, but knowledge remains a permanent treasure that illuminates both the mind […]
राघवेन्द्र कुमार राघव– दुनिया के हर रिश्ते में तोस्वार्थ कहीं छिप जाता है।अपनेपन का हर एक दावाप्रतिकूल समय पर ढह जाता है। औलादों के अत्याचारों कोचुपचाप सहन कर जाती माँ।रोती है कोने में लेकिनमुख पर […]
भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन-दिनांक (१० मई) की पूर्व-संध्या मे आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन
Dr. Raghavendra Kumar Raghav– Knowledge is wealth and always supreme,The light within the seeker’s dream.Not forged of silver and gold or pride,But truth that walks the soul beside.The more we share, more it grows,Like fragrance […]
पं० मोतीलाल नेहरू के जन्म-दिनांक (६ मई) पर विशेष आयोजन प्रयागराज। एक ऐसा परिवार, जिसकी संवैधानिक और राजनीतिक विरासत विश्व-विश्रुत रही है, का अभिन्न सम्बन्ध इलाहाबाद से रहा है। आज हम जिसे आनन्द भवन के […]
नई दिल्ली। वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम भारत की अपनी पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा पर हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने […]
आदित्य त्रिपाठी, हरदोई— भारत जैसे विशाल और बहुलतावादी लोकतंत्र में मीडिया को परंपरागत रूप से “चौथा स्तम्भ” माना गया है। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ-साथ मीडिया की भूमिका लोकतांत्रिक जवाबदेही (accountability) सुनिश्चित करने में […]
हिमगिरि-चरणों मे शीश नवा, मैंने शुरू किया चलना, तपती रेती पर चलकर भी, शीतलता को मिटने न दिया। सघन वनों की छाया मे, कभी न मेरा मन ललचाया। इस शाश्वत सत्य का ज्ञान मुझे, जो […]
प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे ‘विश्व प्रेस-स्वतन्त्रता-दिवस’ के अवसर पर ३ मई को एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया, जिसमे देश के अनेक मीडियाकर्मी एवं अन्य विचारकोँ की साझेदारी रही। आयोजन […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– स्वयं पर यदि यहाँ विश्वास हो,तो रास्ते अनजाने नहीं लगते।गिरना भी हार जैसा नहीं लगता,चलते कदम यूँ ही नहीं ठहरते।।मन में यदि दीपक जलता हो,संकल्पों का हठ भी पलता हो।तो काँटों […]
रचनाकार– डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव तेरे नाम के सहारे, तरते हैं लोग सारे।ओ! भोले हमारे, ओ! शिव जी हमारे।तेरे नाम के सहारे, तरते हैं लोग सारे।।सब तेरे सहारे हैं, तेरी दया पे निर्भर,सब भक्त तुम्हारे […]