प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वीडन और ब्रिटेन की पांच दिन की यात्रा पर आज शाम रवाना हो गये। यूरोप के दो राष्ट्रों के दौरे के पहले चरण में वे आज देर रात स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम पहुंचेंगे। श्री मोदी कल स्टॉकहोम में भारत नॉर्डिक शिखर बैठक में भाग लेंगे और विभिन्न देशों के शीर्ष नेतृत्व से दिवपक्षीय वार्ता करेंगे।
इससे पहले जारी बयान में श्री मोदी ने कहा कि स्वीडन की उनकी यह पहली यात्रा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। श्री मोदी ने कहा कि दोनों देश मुक्त, समावेशी और नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था के प्रति वचनबद्ध है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वीडन भारत के विकास में बहुमूल्य भागीदार है। उन्होंने कहा कि वे तथा स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफान लोवियात के लिए यह शीर्ष उद्योगपतियों से संवाद और सहयोग की रूपरेखा तैयार करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। श्री मोदी ने कहा कि बातचीत में व्यापार और निवेश, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, स्मार्ट शहर, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटीकरण और स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया जायेगा।
श्री मोदी की स्वीडन यात्रा अनेक कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साझा मूल्य और आपसी समृद्धि विषय पर हो रहे पहले भारत नॉर्डिक सम्मेलन में नॉर्डिक देशों के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय चर्चा करेंगे। नॉर्डिक देशों में डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड, आईसलैंड और स्वीडन शामिल हैं। स्वीडन में भारतीय राजदूत मोनिका कपिल मोहता के अनुसार भारत व्यापार और निवेश बढ़ाने के अलावा बुनियादी ढांचा क्षेत्र में वहनीय और अनुकूल प्रौद्योगिकी अपनाना चाहता है।
नॉर्डिक देशों के लिए भी भारत के बड़े बाजार और यहां भारी तादाद में मौजूद प्रतिभा तथा कौशल से कई अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। स्वीडन के बाद श्री मोदी बुधवार को लंदन जायेंगे जहां वे राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्षों के सम्मेलन- चोगम में भाग लेंगे। वे विशेष कार्यक्रम भारत की बात सबके साथ में भी भाग लेंगे जिसमें वे भारत के बारे में लोगों के सवालों के जवाब देंगे। उन्होंने लोगों से अपने विचार और सुझाव नरेन्द्र मोदी ऐप पर तथा सोशल मीडिया हैशटैग भारत की बात सबके साथ पर वीडियो भेजने को कहा है। श्री मोदी महारानी एलिजाबेथ दिवतीय से मुलाकात करेंगे।
भारत की बात सबके साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सीधी बातचीत का विशेष आयोजन है, जिसमें वे भारत से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देंगे। श्री मोदी ने ट्वीट संदेश में कहा कि वे इस अवसर की उत्सुकता से प्रतिक्षा कर रहे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री की विभिन्न चर्चा को लेकर लंदन में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के बीच काफी उत्साह है। ब्रिटेन में लगभग 15 लाख भारतीय मूल के लोग हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। दूसरी ओर राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों का सम्मेलन आज से ब्रिटेन में शुरू हो गया है। इस सम्मेलन का प्रमुख विषय- साझा भविष्य है। आज व्यापार, युवा, महिला जैसे मुद्दे पर बैठक हो रही है। वापसी में श्री मोदी शुक्रवार को थोड़ी देर के लिए बर्लिन में रूकेंगे और जर्मन चांसलर एंगिला मर्केल से दिवपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।