हरदोई- एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में तमाम सवर्ण संगठनों द्धारा हरदोई के कछौना में मुंडन कराकर इस एक्ट में हुए संशोधन का विरोध किया। वही गुरुवार को बुलाये गए भारत बंद कार्यक्रम का हरदोई में खास असर नहीं दिखा। हरदोई नेतृत्व विहीनता के चलते भारत बंद कार्यक्रम महज नारेबाजी और जुलुस तक ही देखने को मिला।लोग सड़कों पर जुलुस निकाल दुकानें बंद कर आगे बंद कराते रहे पीछे दुकाने फिर खुल गयी। हालाँकि सुरक्षा के लिहाज से दोनों एएसपी कई थानों की फोर्स के साथ सुरक्षा में मुस्तैद रहे। वहीं कलेक्ट्रेट में अधिवक्ताओं ने पुतला जलायाऔर नारेबाजी की।
केंद्र सरकार के द्वारा एससी/एसटी में किये गए बदलाव को लेकरसवर्ण समाज आक्रोशित है जिसको लेकर गुरूवार को सवर्ण समाज ने इस एक्ट के विरोध में भारत बंद का आहवान किया गया जिसको लेकर हरदोई में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। गाँधी मैदान से शुरू हुआ जुलुस कार्यक्रम शहर के नुमाइश चौराहे से लेकर कई जगह गया।कलेक्ट्रेट में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर पुतला जलाया और नारेबाजी की जिसके बाद अधिवक्ता जुलूस के रूप में नारेबाजी कर विभिन्न मार्गों पर जुलुस निकाल कर दुकानें बंद करायीं। हालाँकि आगे दुकाने बंद होती थी जुलूस के जाते ही खुल जाती थी। सबसे ज्यादा असर कछौना में देखने को मिला जहाँ मुंडन कराकर इस एक्ट में हुए संशोधन का विरोध किया।
बता दें कि इसके मद्देनजर जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है जिसके तहत पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद रही।दरअसल इसी साल 2 अप्रैल को एससी/एसटी में बदलाव को लेकर दलितों ने भारत बंद बुलाया था उस दौरान जमकर हिंसा आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी इसीलिए प्रशासन सतर्क रहा।हालाँकि गुरुवार को बुलाये गए भारत बंद कार्यक्रम का हरदोई में खास असर नहीं दिखा। हरदोई नेतृत्व विहीनता के चलते भारत बंद कार्यक्रम महज नारेबाजी और जुलुस तक ही देखने को मिला।लोग सड़कों पर जुलुस निकाल दुकानें बंद कर आगे बंद कराते रहे पीछे दुकाने फिर खुल गयी। हालाँकि सुरक्षा के लिहाज से दोनों एएसपी कई थानों की फोर्स के साथ सुरक्षा में मुस्तैद रहे।