कछौना (हरदोई) : कछौना की ग्राम सभा त्यौरी मतुआ के तालाब पर वर्ल्ड वेटलैंड डे मनाया गया। यहां पर काफी खेत में तालाब, पोखर, दलदली भूमि के रूप में मौजूद है। इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी रामचंद्र ने कहा वेटलैंड को “किडनीज ऑफ द लैण्डस्केप” यानी भू-दृश्य के गुर्दे भी कहा जा सकता है। जिस प्रकार से हमारा शरीर में रक्त को शुद्ध करने का काम किडनीज (गुर्दे) द्वारा किया जाता है, उसी प्रकार वेटलैंड पानी को शुद्ध करने का काम करते हैं । पर्यावरण के संतुलन और मानव के जीवन यापन के लिए यह अत्यंत आवश्यक हैं ।

क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता पी०डी० गुप्ता ने ग्राम पंचायत त्यौरी मतुआ के गाटा संख्या 614/1.2900, 615क/0.7710 व 619घ/18.5060 जल क्षेत्र है। जिसमें राज्य पक्षी सारस बहुतायत में आते हैं। दर्जनों सारस पक्षी दूर दराज से आकर विचरण करते हैं। इसका मनमोहक दृश्य आँखों को आनन्दित करता है। यह पर्यावरण मित्र माने जाते हैं। वन विभाग द्वारा समय-समय पर गिनती करा कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाती है। सारस के संरक्षण से पर्यावरण के संरक्षण को बल मिलेगा। यह किसान के शत्रु कीटों को अपने भोजन के रूप में खाते हैं। जिससे फसल को सुरक्षा मिलती है। जनमानस द्वारा इस क्षेत्र को पक्षी सारस के संरक्षण क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की मांग लगातार उठा रहे हैं। यह क्षेत्र सारस के प्रजनन के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। वेटलैंड होने से प्रदेश के पर्यावरण मानचित्र में क्षेत्र को पहचान मिलेगी। ग्राम प्रधान के प्रस्ताव पर विधायक रामपाल वर्मा ने भी वेटलैंड व सारस पक्षी केंद्र के लिए शासन को पत्र लिखकर भेजा है।
इस अवसर पर वन कर्मी के०पी० सिंह, राजेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शैलेंद्र कुमार, शिक्षिका सुशीला देवी व बच्चों ने प्रतिभाग किया। दूरबीन से पशु-पक्षियों के करतब लोगों ने लुफ्त उठाया। स्थानीय नागरिकों के प्रयास से भविष्य में सारस पक्षी केंद्र स्थापित होने की उम्मीद है।