कछौना हरदोई। विकासखंड कछौना की ग्राम पंचायत व ग्राम निर्मलपुर में पूर्व में लगें खड़ंजे की हालत काफी जर्जर थी। गांव की सरकार बदली, लोगों को अच्छी सड़क व जल निकासी की समुचित व्यवस्था की उम्मीद जगी, ग्राम प्रधान ने उक्त खड़ंजे को इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा, इस मार्ग पर इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण कार्य प्रस्तावित हो गया। परन्तु खाऊ कमाऊ नीति के चलते निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
ग्राम प्रधान द्वारा कराए जा रहे इंटरलॉकिंग में मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री से नाली व इंटरलॉकिंग में घटिया मटेरियल व घटिया ईट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कि सरकारी मानकों के विपरीत है। वही पूर्व में लगे खड़ंजे की ईंटों को उखाड़ कर इंटरलॉकिंग लगाई जा रही है। जिससे पूर्व में लाखों रुपए की लगी खड़ंजे में ईंटों का गबन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ग्राम प्रधान काफी रसूखदार होने के कारण हम सभी उसके घटिया मैटेरियल से कराए जा रहे काम की शिकायत खुलकर संबंधित अधिकारियों से नहीं कर पा रहे हैं, इस मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी प्रमोद अग्रवाल ने ग्राम प्रधान का बचाव करते हुए कहा कि आप लोग पहले से ही कैसे जान लिया है कि ईटों का गबन किया जा रहा है। यह तो बात मार्ग पूरी बनने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी कि ग्राम प्रधान द्वारा स्टॉक रजिस्टर में पुरानी ईंटों का स्टॉक दिखाया गया है या नहीं। वही उक्त मार्ग के संबंध में सचिव राजेश त्यागी ने बताया हमारे द्वारा ग्राम प्रधान को कई बार स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया है कि लगे खड़ंजे के ऊपर ही मानक के अनुसार गिट्टी डालकर इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य कराया जाए, परंतु अगर ग्राम प्रधान द्वारा खड़ंजे की ईंटे उखाड़ कर इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य कराया जा रहा है तो जांच कर पेमेंट रोक दिया जाएगा।
रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता